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सिर्फ स्ट्रेचिंग से नहीं बनेगा शरीर लचीला! डाइट में ये 4 पोषक तत्व जरूर करें शामिल

जब शरीर के लचीलेपन की बात आती है तो हमारा ध्यान अक्सर स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज पर जाता है. हालांकि, शरीर कितना आसानी से मूव कर पाता है, इसमें खान-पान की भी अहम भूमिका होती है. अगर डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन और जरूरी मिनरल्स नहीं हैं तो मांसपेशियों की मजबूती और उनका सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है. इसके उलट संतुलित डाइट शरीर को एक्सरसाइज के बाद रिकवरी करने और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करती है.

यह समझना जरूरी है कि सिर्फ किसी एक फल, सब्जी या खाद्य पदार्थ को खाने से शरीर अचानक लचीला नहीं हो जाता. शरीर के लचीलेपन को बेहतर बनाए रखने के लिए पौष्टिक भोजन के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि और स्ट्रेचिंग भी जरूरी है. डाइट शरीर को जरूरी पोषक तत्व देती है, जबकि एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग शरीर की गतिशीलता बनाए रखने में मदद करते हैं.

प्रोटीन से मजबूत होती हैं मांसपेशियां

मांसपेशियों की सेहत के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी पोषक तत्व है. अंडा, दूध, दही, पनीर, सोया, चना, राजमा और चिकन जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं. प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण के साथ-साथ उनकी मरम्मत में भी मदद करता है.

जब आप एक्सरसाइज या कसरत करते हैं तो मांसपेशियों पर कुछ दबाव पड़ता है. इसके बाद शरीर को उनकी मरम्मत के लिए अमीनो एसिड की जरूरत होती है और ये अमीनो एसिड प्रोटीन से मिलते हैं. स्वस्थ और मजबूत मांसपेशियां शरीर के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर तरीके से हिलाने-डुलाने में मदद करती हैं. हालांकि, प्रोटीन सीधे शरीर का लचीलापन नहीं बढ़ाता, बल्कि उन मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में योगदान देता है जो शरीर की मूवमेंट के लिए जरूरी हैं.

विटामिन C भी है जरूरी

शरीर की सामान्य सेहत और मांसपेशियों-जोड़ों से जुड़े ऊतकों के लिए विटामिन C भी महत्वपूर्ण है. आंवला, अमरूद, नींबू, संतरा, कीवी, टमाटर और शिमला मिर्च इसके अच्छे स्रोत हैं. शरीर में विटामिन C का एक अहम काम कोलेजन बनाने में मदद करना है.

कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो त्वचा के साथ-साथ हड्डियों, जोड़ों और मांसपेशियों को जोड़ने वाले हिस्सों को मजबूती देने में मदद करता है. शरीर को कोलेजन बनाने के लिए विटामिन C की आवश्यकता होती है. इसलिए विटामिन C से भरपूर फल और सब्जियां इन हिस्सों की सामान्य सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती हैं.

मैग्नीशियम से मांसपेशियों को मिलती है मदद

मैग्नीशियम भी मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी पोषक तत्व है. बादाम, काजू, तिल, कद्दू के बीज, साबुत अनाज, पालक और अन्य हरी सब्जियों से मैग्नीशियम मिल सकता है.

हम जब हाथ-पैर या शरीर के किसी हिस्से को हिलाते हैं तो मांसपेशियां सिकुड़ने और ढीली होने की प्रक्रिया से गुजरती हैं. इस प्रक्रिया में मैग्नीशियम की भूमिका होती है. इसलिए डाइट में इसकी पर्याप्त मात्रा रखना मांसपेशियों के सामान्य कार्य के लिए जरूरी है.

ओमेगा-3 को भी डाइट में जगह दें

अलसी के बीज, चिया सीड्स और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थ ओमेगा-3 के स्रोत हैं. ओमेगा-3 शरीर में सूजन को नियंत्रित करने में मदद करता है. शरीर में अधिक सूजन होने पर मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. ऐसे में ओमेगा-3 शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषक तत्व हो सकता है.

पानी की कमी न होने दें

लचीलेपन और शारीरिक गतिविधि के लिए सिर्फ ठोस भोजन ही नहीं, पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है. शरीर में पानी की कमी होने पर थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है, जिसका असर एक्सरसाइज करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है. (IANS से इनपुट के साथ)

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