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रात में ईयरबड्स लगाकर सोते हैं तो आज ही छोड़ दें आदत, डॉक्टर ने बताया क्या हो सकता है नुकसान

फरीदाबाद: आजकल मोबाइल के साथ ईयरबड्स और हेडफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. सफर हो, जिम हो या काम के बीच का समय, लोग घंटों कानों में ईयरबड्स लगाए रहते हैं. कई लोग तेज आवाज में गाने सुनते हैं और रात को सोते समय भी इन्हें नहीं उतारते. शुरुआत में यह आदत सामान्य लगती है, लेकिन धीरे-धीरे कानों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है. कान में सीटी बजना, आवाज गूंजना या घंटी जैसी आवाज सुनाई देना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बच्चों और युवाओं में यह खतरा ज्यादा चिंता का विषय बन रहा है.

ईयरबड्स से सुनने की क्षमता हो सकती है स्थायी कम

Local18 से खास बातचीत में फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट और ENT विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा महाजन ने कानों की सेहत और ईयरबड्स-हेडफोन के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दिए. रोज ईयरबड्स लगाने से सुनने की क्षमता घटती है. इस पर डॉ. अपर्णा महाजन बताती हैं कि इयरबड्स, इयरफोन या हेडफोंस कोई भी है, आवाज से होने वाला हियरिंग लॉस परमानेंट होता है, प्रोग्रेसिव होता है. इसमें स्टार्टिंग में तो कुछ समझ में नहीं आएगा, लेकिन बाद में जो हियरिंग लॉस होता है, उसमें सुनने की क्षमता कम हो जाती है और वह परमानेंट होती है. जरूरी है कि प्रिकॉशन ली जाए. जैसे ही कोई earliest साउंड महसूस हो, ENT कंसल्टेशन करना चाहिए.

तेज वॉल्यूम कानों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता

डॉ. अपर्णा महाजन बताती हैं कि मोबाइल का हंड्रेड परसेंट वॉल्यूम अगर स्पीकर मोड पर हो तो कोई दिक्कत नहीं है. मोबाइल थोड़ा दूर रखा गया है तो भी समस्या नहीं है. लेकिन अगर हेडफोंस, एयरफोन या इयरबड्स इस्तेमाल करते हैं तो काफी ज्यादा सावधानी जरूरी है. एयरफोन या हेडफोंस के 100 प्रतिशत वॉल्यूम या 100 डेसिबल साउंड पर ज्यादा तेज सुनना आपके हियरिंग को परमानेंटली डैमेज कर सकता है. आमतौर पर 66 रूल होता है. 66 डेसिबल हियरिंग लॉस और 60 मिनट के लिए सुनने की बात कही जाती है. यदि आप कंटिन्यू घंटे भर सुन रहे हैं तो कम से कम 10 मिनट या 15 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए. लगातार नहीं सुनना चाहिए.

कान में सीटी नुकसान का संकेत समझें तुरंत

डॉ. अपर्णा महाजन बताती हैं कि कान में सीटी या गूंजना मेडिकल लैंग्वेज में टीनासीड कहते हैं. अगर ऐसी कोई आवाज आती है तो इसका संकेत देता है कि नुकसान होना स्टार्ट हो गया है. अगर आपके कान में सीटी जैसी आवाज आ रही है और एक से दो घंटे हो चुके हैं तो तुरंत अपने कान की जांच करवा लीजिए. ENT स्पेशलिस्ट से मिल लीजिए.

सोते समय ईयरबड्स लगाना बेहद नुकसानदायक आदत

डॉ. अपर्णा महाजन बताती हैं कि ईयरबड्स लगाकर सोना बहुत ज्यादा नुकसानदायक है. ईयरबड्स लगाकर सोने से जो वैक्स हैं, जो कान की मैल हैं, उनका क्लियरेंस नहीं हो पाता है. वह अंदर ही जमा होने लग जाती है. दूसरी डैमेज यह है कि आपका बहुत ही लंबे समय तक नॉइस एक्सपोजर होता है. 66 रूल को ध्यान में रखना जरूरी है. अगर आप ज्यादा समय तक तेज आवाज में सुनते रहेंगे तो हियरिंग डैमेज होता है. अगर आप सो गए हैं तो आपको पता नहीं चलेगा कि कितनी वॉल्यूम है और कितनी देर तक आप सुनते रहे. इससे आपका परमानेंट डैमेज हो सकता है.

बच्चों में हेडफोन बना सुनने की क्षमता खतरा

डॉ. अपर्णा महाजन बताती हैं कि कोविड पीरियड में हमारे पास बहुत सारे बच्चे आए, जिनको कान में घंटी बजाने की समस्या आई थी और जिनको हियरिंग लॉस भी स्टार्ट हो गया. उस समय ऑनलाइन क्लास चल रही थी और बच्चे ज्यादातर हेडफोंस इस्तेमाल कर रहे थे. हमने पेरेंट्स को बहुत अवेयरनेस कैंपेन किया. हमने पेरेंट्स को बताया कि प्लीज बच्चों को एयरफोंस, इयरबड्स या हेडफोंस मत दीजिए. बच्चे फोन के स्पीकर मोड पर सुनेंगे तो ज्यादा बेहतर है. इसकी समस्याएं आपको जब एडल्ट हो जाएंगे तब भी बढ़ सकती हैं और जल्दी आपके कान खराब हो सकते हैं. बच्चे इन चीजों का इस्तेमाल न करें तो बहुत ही अच्छा है. वॉल्यूम 60 से कम रखिए और 60 मिनट तक इस्तेमाल ज्यादा मत कीजिए. ब्रेक जरूर लीजिए.

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