राजस्थान में मानसून ने ली करवट, 12 सितंबर को जयपुर-कोटा समेत कई जिलों में बरसेंगे बादल

जयपुर: राजस्थान में मानसून के मिजाज में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (IMD) की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन इसके तुरंत बाद एक नए वेदर सिस्टम के असर से झमाझम बारिश का दौर फिर से शुरू होने की पूरी संभावना है.
वर्तमान में राज्य के मौसम का हाल देखें तो मानसून की गतिविधियां थोड़ी सुस्त और कमजोर पड़ गई हैं. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क पश्चिमी हवाएं प्रभावी रूप से चल रही हैं. इन हवाओं के कारण वातावरण में नमी की मात्रा में कमी आई है और मानसून की ट्रफ लाइन कमजोर पड़ गई है, जिसके परिणामस्वरूप कल यानी 10 सितंबर को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया गया है.
पूरे राज्य में मौसम रहेगा शुष्क और साफकल यानी 10 सितंबर 2026 को राजस्थान के किसी भी जिले में भारी बारिश या किसी तरह की चेतावनी (अलर्ट) जारी नहीं की गई है. मौसम विभाग के चेतावनी मानचित्र के अनुसार पूरे प्रदेश को ‘हरा रंग’ यानी ‘कोई चेतावनी नहीं’ की श्रेणी में रखा गया है.
पूर्वी राजस्थान का हाल: जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर और अजमेर संभाग सहित पूर्वी राजस्थान के सभी जिलों में कल मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ रहने की संभावना है. यहाँ के निवासियों को फिलहाल बारिश से राहत मिलेगी और धूप खिली रहेगी.
पश्चिमी राजस्थान का हाल: जोधपुर और बीकानेर संभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख रेगिस्तानी व अन्य जिलों जैसे बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, नागौर, पाली और श्रीगंगानगर में भी मौसम पूर्णतः शुष्क रहेगा. यहाँ भी बारिश की कोई गतिविधि दर्ज नहीं की जाएगी.
11 सितंबर से बदलेगा मौसम का मिजाजशुष्क मौसम का यह दौर बहुत लंबा नहीं खिंचेगा. बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है, जिसका सीधा और सकारात्मक असर राजस्थान के मौसम पर देखने को मिलेगा. 11 सितंबर से पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ चुनिंदा हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का नया दौर दोबारा शुरू हो जाएगा. मौसम विभाग ने विशेष तौर पर धौलपुर, भरतपुर, करौली और बारां जैसे जिलों के लिए मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है.
बारिश की गतिविधियों में होगी विशेष बढ़ोतरीआने वाले दिनों में मानसून एक बार फिर से पूरी ताकत के साथ रफ्तार पकड़ेगा. आगामी 12 से 15 सितंबर के दौरान राज्य में बारिश के दायरे और इसकी तीव्रता दोनों में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. 13 और 14 सितंबर को कोटा संभाग और उसके आसपास के मैदानी व संभाग के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है. इस नए मानसूनी तंत्र के सक्रिय होने से एक तरफ जहां उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र और जल स्त्रोतों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित होगी.



