जहां से निकले वीर वहां तेंदुए का डर, बांता गांव के पास हिंगलाज माता की पहाड़ी पर दिखा लेपर्ड

Last Updated:September 10, 2026, 18:55 IST
Pali Leopard News: पाली के बांता गांव के पास हिंगलाज माता की पहाड़ी पर तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत का माहौल है. पहाड़ी क्षेत्र में लेपर्ड नजर आने के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज है और लोग सतर्कता बरत रहे हैं. जिस इलाके को वीरों की धरती के रूप में जाना जाता है, वहां वन्यजीव की मौजूदगी अब चर्चा का विषय बन गई है.
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पाली. ऐतिहासिक क्रांतियों और वीरों की भूमि के रूप में जाना जाने वाला आऊवा क्षेत्र इन दिनों एक अलग ही खौफ के साए में है. वीरों के इस गांव और आसपास के इलाकों में इस समय भय का माहौल बना हुआ है, और इसकी वजह है क्षेत्र में एक तेंदुए (लेपर्ड) की लगातार मौजूदगी. आऊवा के पास स्थित बांता गांव के सेहवाज हिंगलाज माता मंदिर की पहाड़ी पर हाल ही में लेपर्ड देखा गया, जिसके बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. क्रांतिधरा आऊवा के पास स्थित बांता गांव में हिंगलाज माता मंदिर की पहाड़ी पर लेपर्ड की आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया है कि कहीं यह लेपर्ड उनको अपना शिकार न बना दे. ड्रोन में कैद हुई लेपर्ड की तस्वीरों के बाद वन विभाग ने सर्च अभियान शुरू कर दिया है.
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर व्यापक सर्च अभियान शुरू किया. मारवाड़ जंक्शन के क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेंद्रसिंह के अनुसार, इलाका पथरीला होने के कारण लेपर्ड के ताजे फुटमार्क (पगचिह्न) तो नहीं मिल सके, लेकिन पहाड़ी के पास स्थित जलस्रोत के निकट पुराने निशान देखे गए हैं. इसी के आधार पर लेपर्ड की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के लिए ट्रैक कैमरे लगाए जा रहे हैं.
पानी के पास लगाया गया पिंजरालेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए वन विभाग ने पानी वाले इलाके के समीप एक पिंजरा लगाया है, जिसमें शिकार रखा गया है. वन विभाग के कर्मचारी उम्मेदसिंह और मुकेश सहित पूरी रेंज टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है. ड्रोन कैमरों की मदद से भी पहाड़ी और आसपास की झाड़ियों में लेपर्ड के मूवमेंट पर पैनी नजर रखी जा रही है.
ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारीलेपर्ड की हलचल को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने बांता और आऊवा के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है. लोगों को अकेले बाहर न निकलने और विशेषकर रात के समय सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की हिदायत दी गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
तीन महीनों से बनी हुई है तेंदुए की दहशतस्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से यह लेपर्ड इस इलाके में बार-बार देखा जा रहा है. हालांकि, अब तक इसने केवल छोटे वन्यजीवों का ही शिकार किया है और किसी इंसान पर हमला नहीं किया है. फिर भी, आबादी और मंदिर के इतने पास लेपर्ड का लगातार घूमना ग्रामीणों के मन में गहरा डर पैदा कर रहा है. सभी को अब वन विभाग द्वारा लेपर्ड के जल्द से जल्द पकड़े जाने का इंतजार है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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September 10, 2026, 18:55 IST



