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कमर दर्द और गर्दन की अकड़न से हैं परेशान? रोज करें ये योगासन, रीढ़ रहेगी मजबूत

आजकल लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर काम करना हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है. घंटों एक ही जगह बैठे रहने, गलत पोस्चर और शारीरिक गतिविधि की कमी का असर कम उम्र में ही शरीर पर दिखने लगा है. कमर दर्द, गर्दन में अकड़न, कंधों में खिंचाव और रीढ़ से जुड़ी परेशानियां अब आम होती जा रही हैं.

ऐसे में रोजाना कुछ समय योग के लिए निकालना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है. नियमित योग अभ्यास से शरीर में लचीलापन बनाए रखने, पोस्चर सुधारने और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है. खासतौर पर कुछ योगासन रीढ़ को स्ट्रेच करने और लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली जकड़न को कम करने में मदद कर सकते हैं.

ताड़ासनताड़ासन शरीर को सीधा रखने और पोस्चर सुधारने में मदद करता है. इसे करने से रीढ़, कंधों और गर्दन को हल्का खिंचाव मिलता है. साथ ही शरीर का संतुलन बेहतर करने में भी मदद मिल सकती है.

ऊर्ध्व हस्तोत्तानासनइस आसन में हाथों को ऊपर उठाकर शरीर को स्ट्रेच किया जाता है. यह रीढ़ में खिंचाव देने के साथ शरीर के ऊपरी हिस्से को खोलने में मदद करता है. साइड में झुकने से पसलियों के आसपास की मांसपेशियों में भी खिंचाव आता है.

अर्ध चक्रासनयह पीछे की ओर झुकने वाला आसन है. इसके अभ्यास से रीढ़ में लचीलापन बनाए रखने में मदद मिल सकती है. इसे करते समय शरीर को धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकाया जाता है.

त्रिकोणासनत्रिकोणासन रीढ़ और कमर को दोनों तरफ से अच्छा स्ट्रेच देता है. नियमित अभ्यास से शरीर का पोस्चर बेहतर रखने और पीठ की मांसपेशियों में लचीलापन बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

मार्जारीआसनइसे कैट-काउ पोज भी कहा जाता है. इसमें रीढ़ को बारी-बारी से ऊपर और नीचे की ओर मोड़ा जाता है. इससे रीढ़ की जकड़न कम करने और उसमें लचीलापन बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

वक्रासनवक्रासन रीढ़ और कमर को ट्विस्ट करने वाला आसन है. लंबे समय तक बैठने से होने वाले खिंचाव को कम करने और रीढ़ में लचीलापन बनाए रखने के लिए इसे किया जा सकता है.

अर्ध उष्ट्रासनलगातार आगे झुककर बैठने वालों के लिए यह आसन शरीर को पीछे की ओर स्ट्रेच करता है. इससे कंधों और रीढ़ के आसपास की जकड़न कम करने में मदद मिल सकती है और पोस्चर बेहतर हो सकता है.

शशकासनइस आसन में शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है, जिससे रीढ़ और पीठ में खिंचाव आता है. यह शरीर को रिलैक्स करने और पीठ की जकड़न कम करने में मदद कर सकता है.

भुजंगासनभुजंगासन में शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाया जाता है. इससे पीठ के निचले हिस्से और रीढ़ के आसपास की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं. नियमित अभ्यास से पीठ की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है.

सेतुबंधासनइसे ब्रिज पोज भी कहा जाता है. इसमें कूल्हों को ऊपर उठाया जाता है, जिससे कमर और पीठ की मांसपेशियों पर काम होता है. यह रीढ़ को मजबूत और लचीला बनाए रखने में मदद कर सकता है.

अर्ध हलासनइस आसन में पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाया जाता है. पैरों को ऊपर रखने से कमर और रीढ़ के निचले हिस्से को स्थिर रखने में मदद मिलती है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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