Mobile Theft | What To Do After Phone Stolen | Khoya Phone Kaise Paye | मोबाइल चोरी या गुम हो जाए तो तुरंत कर लें ये 10 काम

Last Updated:September 11, 2026, 21:58 IST
Mobile Chori Hone Par Kya Karein : जयपुर में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाओं पर राजस्थान पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है. इसमें IMEI और सिम ब्लॉक करने, पासवर्ड बदलने व डिजिटल खातों को सुरक्षित करने के तरीके बताए गए हैं. मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें. पुलिस शिकायत के बाद सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) के माध्यम से मोबाइल का IMEI ब्लॉक करवाएं. इससे चोरी या गुम हुए मोबाइल के दुरुपयोग का खतरा कम किया जा सकता है.
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जयपुर. जयपुर में आए दिन मोबाइल फोन चोरी और उसके बाद होने वाली साइबर घटनाएं बढ़ रही हैं. ऐसी ही बढ़ती घटनाओं के चलते मोबाइल गुम होने पर डेटा सुरक्षित करने के लिए एक गाइडलाइन जारी की गई है. इसके तहत अब मोबाइल खोने पर IMEI और सिम ब्लॉक करना जरूरी होगा. क्योंकि गुम हुए मोबाइल में बैंकिंग, UPI, ई-मेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी रहती है, जिसका उपयोग साइबर क्राइम में अपराधी करते हैं.
ऐसे में फोन गुम होते ही तत्काल सही क्रम में कार्रवाई करना जरूरी है. इसलिए राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को साइबर ठगी और व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग से बचाने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. साइबर पुलिस और एक्सपर्ट के मुताबिक मोबाइल गुम होने पर केवल फोन की तलाश करना पर्याप्त नहीं है. उससे जुड़े डिजिटल खातों और सेवाओं को तुरंत सुरक्षित करना भी जरूरी है. हाल ही में जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी होने के बाद बैंक खाते से 1.21 लाख रुपए निकालने का मामला सामने आया है. इसके बाद पुलिस ने आमजन के लिए यह खास एडवाइजरी जारी की है.
फोन गुम होने पर इन 10 तरीकों से सुरक्षित कर सकते हैं अपना डेटाराजस्थान पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति का फोन किसी समय या किसी स्थान पर गुम हो जाता है या चोरी हो जाता है तो सबसे पहले किसी भी एंड्रॉयड फोन में ‘फाइंड माई डिवाइस’ और आईफोन में ‘फाइंड माई आईफोन’ के जरिए फोन को रिमोट लॉक करें. इसके बाद दूसरे सुरक्षित डिवाइस से ही ई-मेल, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण खातों के पासवर्ड तुरंत बदलें. इसके बाद दूसरे चरण में अपने मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क कर गुम हुए सिम को ब्लॉक करवाएं, क्योंकि नंबर का इस्तेमाल OTP और अकाउंट रिकवरी में हो सकता है. इसके बाद बैंक की आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या कस्टमर केयर के जरिए मोबाइल बैंकिंग, UPI और डिजिटल वॉलेट को तुरंत ब्लॉक करवाएं और साथ ही खाते में होने वाले ट्रांजेक्शन लगातार जांचते रहें.
ऐसा होने पर तुरंत बैंक को दें सूचनाकोई संदिग्ध लेन-देन दिखे तो तुरंत बैंक को सूचना दें. उसके बाद उसी नंबर का रिप्लेसमेंट सिम प्राप्त करें और दोबारा सक्रिय होने के बाद महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग जांचें. साथ ही हर व्यक्ति के लिए ई-मेल, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा सक्रिय करना भी जरूरी है.
मोबाइल के IMEI नंबर दर्ज करवाकर कर सकते हैं शिकायतराजस्थान पुलिस की एडवाइजरी में कहा गया है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की सूचना नजदीकी पुलिस थाने में दें और मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें. पुलिस शिकायत के बाद सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) के माध्यम से मोबाइल का IMEI ब्लॉक करवाएं. इससे चोरी या गुम हुए मोबाइल के दुरुपयोग का खतरा कम किया जा सकता है. मोबाइल फोन में बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़ी जानकारी होने के कारण चोरी के बाद उसका गलत इस्तेमाल किए जाने का खतरा रहता है.
मोबाइल चोरी होने पर तुरंत करें ये काममोबाइल गुम या चोरी होने के बाद साइबर ठगी होने या ठगी के प्रयास की स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, साइबर पुलिस थाना, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें. राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क के नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए गए हैं. इसके अलावा लोगों के पास संचार साथी ऐप और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 11, 2026, 21:58 IST



