अब पर्ची का झंझट होगा कम, QR कोड से एक क्लिक में सामने आएगी मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, नई व्यवस्था शुरू

Last Updated:September 12, 2026, 16:21 IST
Barmer Hospital News: अस्पताल में अभी तक कई बार डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर या हाथ से लिखी पर्चियों के कारण दवा का नाम, उसकी खुराक और डॉक्टर के निर्देश स्पष्ट नहीं पढ़ पाते थे. इससे मरीजों के साथ फार्मासिस्ट को भी परेशानी होती थी. डिजिटल व्यवस्था में प्रिस्क्रिप्शन प्रिंटेड और स्पष्ट होगा जिससे दवा वितरण में गलती की संभावना भी कम होगी.
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बाड़मेर. सरहदी बाड़मेर जिला अस्पताल में अब मरीजों को पुरानी और अस्पष्ट कार्बन पर्चियों से राहत मिल गई है. एसएमएस अस्पताल जयपुर की तर्ज पर बाड़मेर जिला अस्पताल में डिजिटल ई-प्रिस्क्रिप्शन प्रणाली और लेजर प्रिंटर व स्कैनर आधारित व्यवस्था शुरू की गई है. नई व्यवस्था में मरीज को दी जाने वाली पर्ची पर यूनिक क्यूआर कोड होगा. इसे स्कैन करते ही मरीज की ओपीडी से जुड़ी मेडिकल हिस्ट्री, डॉक्टर की सलाह और दवाइयों की जानकारी मोबाइल एप और आईएचएमएस सिस्टम पर उपलब्ध हो सकेगी.
बाड़मेर जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज और दवा वितरण की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बाड़मेर जिला अस्पताल प्रशासन ने अनूठा नवाचार किया है. एसएमएस अस्पताल जयपुर की तर्ज पर जिला अस्पताल में डिजिटल ई-प्रिस्क्रिप्शन प्रणाली शुरू की गई है. नई व्यवस्था के तहत मरीजों को अब पुरानी, अस्पष्ट और दोहरी कार्बन पर्चियों से राहत मिलेगी.
स्पष्ट होगी डॉक्टर की लिखावट और दवा की जानकारीअस्पताल में अभी तक कई बार डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर या हाथ से लिखी पर्चियों के कारण दवा का नाम, उसकी खुराक और डॉक्टर के निर्देश स्पष्ट नहीं पढ़ पाते थे. इससे मरीजों के साथ फार्मासिस्ट को भी परेशानी होती थी. डिजिटल व्यवस्था में प्रिस्क्रिप्शन प्रिंटेड और स्पष्ट होगा जिससे दवा वितरण में गलती की संभावना भी कम होगी. बाड़मेर जिला अस्पताल अधीक्षक ड़ॉ हनुमान राम चौधरी के मुताबिक डिजिटल पर्ची की सबसे खास सुविधा उसका यूनिक क्यूआर कोड है.
डिजिटल पर्ची पर मिलेगा क्यूआर कोड,कार्बन पर्चियों का झंझट खत्मक्यूआर कोड स्कैन करने पर मरीज की ओपीडी से संबंधित जानकारी डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध हो सकेगी. इतना ही इससे मरीजों के समय की भी बचत होगी. चौधरी के मुताबिक निशुल्क दवा वितरण केंद्र पर अब फार्मासिस्ट को भी लंबी लाइनों में खड़े मरीजों की मैनुअल एंट्री और कार्बन कॉपी अपने पास सुरक्षित रखने की आवश्यकता नही पड़ेगी.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Barmer,Rajasthan
First Published :
September 12, 2026, 16:21 IST



