हिचकी आखिर आती क्यों है? अचानक शुरू होने और खुद-ब-खुद बंद होने के पीछे क्या होता है, जानिए पूरा विज्ञान

Last Updated:September 16, 2026, 18:04 IST
हिचकी कभी अचानक शुरू होती है और कुछ ही देर में अपने आप बंद भी हो जाती है. लेकिन शरीर में ऐसा क्या होता है, जिससे बार-बार ‘हिक’ की आवाज निकलती है? जानिए हिचकी आने के पीछे का विज्ञान, इसके सामान्य कारण और यह खुद-ब-खुद कैसे रुक जाती है.
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कभी खाना खाते-खाते अचानक हिचकी शुरू हो जाती है, तो कभी बिना किसी खास वजह के कुछ मिनट तक लगातार हिचकी आती रहती है. अक्सर यह कुछ समय बाद अपने आप बंद भी हो जाती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शरीर में ऐसा क्या होता है, जिसकी वजह से बार-बार ‘हिक’ की आवाज निकलती है? दरअसल, हिचकी हमारे सांस लेने की प्रक्रिया से जुड़ी एक अनैच्छिक प्रतिक्रिया है.
हमारे शरीर में फेफड़ों के नीचे एक गुंबद जैसी मांसपेशी होती है, जिसे डायफ्राम कहा जाता है. सांस लेते समय यह मांसपेशी सिकुड़कर नीचे की ओर जाती है, जिससे फेफड़ों में हवा भरने के लिए जगह बनती है. सामान्य स्थिति में सांस लेने की यह प्रक्रिया बिना किसी आवाज के होती रहती है. हिचकी के दौरान डायफ्राम अचानक और अनैच्छिक रूप से सिकुड़ जाता है. इसके तुरंत बाद गले में मौजूद ग्लॉटिस यानी वोकल कॉर्ड्स के बीच का रास्ता तेजी से बंद होता है. इसी अचानक होने वाली हलचल से ‘हिक’ जैसी आवाज निकलती है.
अचानक हिचकी क्यों शुरू हो जाती है?
हिचकी के कई सामान्य ट्रिगर हो सकते हैं. बहुत जल्दी खाना या ज्यादा खाना, अचानक गर्म या ठंडी चीज पीना, कार्बोनेटेड ड्रिंक पीना, शराब का सेवन, बहुत ज्यादा हंसना या उत्साह में अचानक सांस लेने का तरीका बदलना कुछ लोगों में हिचकी शुरू कर सकता है. कई बार पेट के ज्यादा भर जाने से डायफ्राम के आसपास दबाव या उत्तेजना भी हिचकी का कारण बन सकती है. हालांकि, हर व्यक्ति में इसका ट्रिगर एक जैसा नहीं होता और कई बार हिचकी का कोई साफ कारण भी पता नहीं चलता.
फिर हिचकी अपने आप बंद कैसे हो जाती है?
ज्यादातर सामान्य हिचकी थोड़ी देर में अपने आप रुक जाती है. इसका कारण यह है कि डायफ्राम की अनैच्छिक सिकुड़न कुछ समय बाद सामान्य हो जाती है और सांस लेने की प्रक्रिया फिर से नियमित हो जाती है. हिचकी से जुड़े रिफ्लेक्स में डायफ्राम के अलावा कुछ नसें और मस्तिष्क का हिस्सा भी शामिल होते हैं. जब यह रिफ्लेक्स शांत हो जाता है, तो हिचकी भी रुक जाती है.
कब हिचकी को गंभीरता से लेना चाहिए?
कभी-कभार कुछ मिनटों या थोड़े समय के लिए आने वाली हिचकी आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती. लेकिन अगर हिचकी बहुत लंबे समय तक बनी रहे, बार-बार लौटे या खाने, सोने और सांस लेने जैसी सामान्य गतिविधियों में परेशानी पैदा करने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. लंबे समय तक रहने वाली हिचकी कभी-कभी किसी बीमारी, दवा या शरीर में मौजूद दूसरी समस्या से जुड़ी हो सकती है. इसलिए ऐसी स्थिति में सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
About the AuthorVividha SinghSub Editor
विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…
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September 16, 2026, 18:04 IST



