राजस्थान में आज बरसेंगे बादल, 26 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, जानें अपने शहर का मौसम

जयपुर. राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अभी जारी हैं, लेकिन पश्चिमी हिस्सों से इसकी विदाई के लिए परिस्थितियां बनने लगी हैं. आईएमडी के अनुसार, 17 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. इस दौरान कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, बिजली चमकने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है.
आईएमडी के अनुसार, 18 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती है. इसके बाद पश्चिमी राजस्थान में बारिश का दौर कमजोर होने के संकेत हैं. 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है. हालांकि, मानसून की विदाई की प्रक्रिया मौसम संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी. इस बीच किसानों को बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए खेतों में रखी फसल की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है.
राजस्थान में 17 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाएं चल सकती है
17 सितंबर को इन इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
जयपुर संभाग में हल्की बारिश की संभावना
जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. जयपुर जिले में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी है. कोटा संभाग में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है. बारां, बूंदी और कोटा में तेज हवाओं, मेघगर्जन और वज्रपात का असर देखने को मिल सकता है. उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.
जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
बीकानेर सहित इन जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश के आसार
पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में मेघगर्जन के साथ बारिश, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. बीकानेर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. इस संभाग के कुछ क्षेत्रों में मेघगर्जन और तेज हवाओं की चेतावनी है. श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. 18 सितंबर को भी जारी रह सकती हैं बारिश की गतिविधियां
18 सितंबर को भी बारिश का दौर रहेगा जारी
आईएमडी के अनुसार, 18 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान के कुछ संभागों में अगले 3 से 4 दिनों तक बारिश का दौर बने रहने के संकेत दिए गए हैं. हालांकि, बारिश का वितरण अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.
पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में 17 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने के साथ मौसम सक्रिय रहने के संकेत
19 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई के संकेत
आईएमडी के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं. वर्तमान में मानसून ट्रफ सौराष्ट्र और उससे सटे पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से होते हुए बीकानेर, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना, बांकुड़ा और कैनिंग तक फैली है. इसके बाद यह पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है. उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है. इन मौसमी परिस्थितियों के बीच पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं.
कोटा-भरतपुर संभाग में भी बारिश के आसार
• राजस्थान में 17 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
• आईएमडी के अनुसार, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की • संभावना बनी हुई है.
• पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में 17 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने के साथ मौसम सक्रिय रहने के संकेत दिए गए हैं.
• पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
• बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में बारिश के साथ तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है.
• आईएमडी के अनुसार, 18 सितंबर को भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है.
18 सितंबर को भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई गई है.
• पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने के संकेत हैं.
• वर्तमान में मानसून ट्रफ सौराष्ट्र और उससे सटे पूर्वोत्तर अरब सागर के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र से होते हुए बीकानेर और आगे बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है.
• उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण अभी भी कायम है.
• बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में रखी कटी हुई मूंग, मोठ, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
17 और 18 सितंबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना वाले क्षेत्रों में किसान खेतों में रखी कटी हुई फसल की सुरक्षा पर ध्यान दें. मूंग, मोठ, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की कटाई के बाद खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी करें. स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर बनाए रखें.
19 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई है
राजस्थान में 17 सितंबर को मौसम कैसा रहने वाला है?
राजस्थान में 17 सितंबर को कई इलाकों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना है. पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं. कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
राजस्थान में मानसून की विदाई कब शुरू हो सकती है?
आईएमडी के अनुसार, 19 सितंबर 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं. मानसून ट्रफ की स्थिति और वायुमंडलीय बदलाव इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. हालांकि, विदाई की शुरुआत और इसके विस्तार का समय मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. इसलिए 19 सितंबर को संभावित शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, निश्चित तारीख के रूप में नहीं.
17 सितंबर को किन जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का अलर्ट है?
17 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, जयपुर, झालावाड़, कोटा और टोंक सहित कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में भी मौसम सक्रिय रह सकता है.
18 सितंबर को राजस्थान में बारिश का क्या पूर्वानुमान है?
18 सितंबर को राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बने रहने के संकेत हैं. पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, लेकिन 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी हिस्सों में गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है. स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण क्षेत्रवार अंतर बना रहेगा.
राजस्थान के किसानों को बारिश के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
17 और 18 सितंबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना वाले क्षेत्रों में किसानों को कटी हुई फसल की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. खेतों में खुली पड़ी मूंग, मोठ, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी करें. स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखें और बारिश के दौरान खुले खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें. मौसम में बदलाव के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं.



