Ephemeral Fever in Cattle: बारिश में बढ़ा पशुओं में तीन दिवसीय बुखार का खतरा, जानें लक्षण और बचाव

Last Updated:September 18, 2026, 15:41 IST
Ephemeral Fever in Cattle: बारिश के मौसम में गाय-भैंसों में एफिमिरल फीवर यानी तीन दिवसीय बुखार का खतरा बढ़ जाता है. मच्छर-मक्खियों के जरिए फैलने वाली इस वायरल बीमारी में तेज बुखार, लंगड़ाहट, जोड़ों में दर्द-अकड़न और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. जानें पशुओं में इसके लक्षण, बचाव और देखभाल के जरूरी उपाय.
बारिश में पशुपालकों को पशुओं में बार-बार बुखार, लंगड़ाहट और अकड़न-जकड़न की शिकायत होती है. तीन दिवसीय बुखार (एफिमिरल फीवर) गाय-भैंसों में होने वाली वायरल बीमारी है. यह बीमारी बारिश और उसके बाद के मौसम में अधिक फैलती है, इस दौरान मक्खी-मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. बीमारी आमतौर पर तीन दिन तक रहती है और उचित देखभाल मिलने पर पशु जल्द ठीक हो जाते हैं.
एफिमिरल फीवर एक वायरल बीमारी है। यह एक आरएनए वायरस के कारण होती है, यह बीमारी सीधे एक पशु से दूसरे पशु में नहीं फैलती. इसके फैलने में खून चूसने वाले मच्छर और मक्खियां मुख्य भूमिका निभाते हैं. जब संक्रमित मच्छर या मक्खी किसी स्वस्थ पशु को काटती है, तो वायरस उसके शरीर में पहुंच सकता है. बारिश के मौसम में मच्छर-मक्खियों की संख्या बढ़ने से इसका खतरा भी बढ़ जाता है.
इस बीमारी का सबसे प्रमुख लक्षण अचानक तेज बुखार आना है, पशु के शरीर का तापमान करीब 104 से 107 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच सकता है. बुखार सामान्य तौर पर 24 से 48 घंटे तक रह सकता है और इसके बाद तापमान सामान्य होने लगता है. इसी वजह से इसे तीन दिवसीय बुखार भी कहा जाता है.
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बीमारी होने पर पशु के जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है, इससे उसे चलने-फिरने में परेशानी होती है और वह लंगड़ाकर चलने लगता है. पशु काफी सुस्त हो जाता है और चारा खाना तथा जुगाली करना कम या बंद कर सकता है. दुधारू गाय-भैंसों में दूध का उत्पादन अचानक कम हो सकता है या कुछ समय के लिए बंद भी हो सकता है. नाक और आंखों से पानी या हल्का बलगम निकल सकता है, शुरुआत में कब्ज की समस्या भी हो सकती है.
बीमार पशु को फिसलन वाले कंकरीट फर्श से हटाकर साफ, सूखे और हवादार स्थान पर रखें ताकि मक्खी और मच्छर पनपना सके, गाय भैंस को आसानी से पचने वाला हरा चारा और साफ ताजा पानी दें. बुखार, दर्द या सूजन के लिए बिना खुद से दवा दिए नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें.
बरसात शुरू होने से पहले पशु चिकित्सक की सलाह से एफिमिरल फीवर का टीका लगवाएं. पशुशाला और आसपास सफाई रखें। पानी जमा न होने दें और मच्छर-मक्खियों की रोकथाम के लिए सुरक्षित उपाय अपनाएं. इससे पशुओं को इस बीमारी से बचाने में मदद मिल सकती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा.
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September 18, 2026, 15:41 IST



