Army Chief Dhiraj Seth Russia Visit। India Strategy against US Tariff। US के टैरिफ दांव पर मॉस्को में आर्मी चीफ का बेजोड़ प्लान, चीन-पाक की उड़ी नींद

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US के टैरिफ दांव पर मॉस्को में आर्मी चीफ का बेजोड़ प्लान, चीन-पाक की उड़ी नींद
Last Updated:September 19, 2026, 16:48 IST
Army Chief Dhiraj Seth Russia Visit: मॉस्को में आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ की विजिट से जियोपॉलिटिक्स का पारा हाई है; बीते 8 साल में पहली बार किसी सेवारत आर्मी चीफ ने रूस का दौरा किया है. इस दौरान स्पेयर पार्ट्स, पैंटसिर-S1M एयर डिफेंस सिस्टम और फ्यूचर टैंक्स को लेकर बड़ी डील पर चर्चा हुई है. एक तरफ अमेरिकी टैरिफ का प्रेशर है, तो दूसरी तरफ भारत पूरी तरह नो फियर मोड में है. इस मास्टरस्ट्रोक से चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ना तय है.भारत ने अपनी तैयारी पक्की कर ली है.
इस वक्त जियोपॉलिटिक्स का गेम एकदम नेक्स्ट लेवल चल रहा है. एक तरफ जहां अमेरिकी संसद यानी यूएस कांग्रेस में रूस का कच्चा तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ बढ़ाने और दबाव बनाने वाला बिल पास हो चुका है. वहीं, दूसरी तरफ भारत पूरी तरह ‘नो फियर’ मोड में है. इंडियन आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ की हालिया मॉस्को यात्रा इस बात का पक्का सबूत है कि भारत किसी के भी दबाव में आने वाला नहीं है. मॉस्को की जमीन पर रूस के साथ मिलकर डिफेंस कोऑपरेशन का नया ब्लू प्रिंट तैयार करना, ड्रैगन (चीन) और पाकिस्तान दोनों के होश उड़ाने के लिए काफी है. आइए डिकोड करते हैं कि इस ग्लोबल पावर प्ले का असल मतलब क्या है.
अमेरिका के टैरिफ वाले दांव और भारत का बेफिक्र रवैयाग्लोबल मार्केट और ट्रेड पॉलिटिक्स में अमेरिका अक्सर अपने हिसाब से शर्तें मनवाने की कोशिश करता रहता है. हाल ही में अमेरिकी संसद में भारत को लेकर टैरिफ से जुड़े कड़े बिल और नीतियां सामने आई, जिनका मकसद भारत और चीन जैसे देशों पर आर्थिक दबाव बनाना है. लेकिन जेन-जी की भाषा में कहें तो, भारत ने इन सारे प्रेशर्स को पूरी तरह से इग्नोर कर दिया है. भारत अब स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी यानी अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता है. अमेरिका की इन चालों से बेफिक्र होकर भारत ने साफ कर दिया है कि हमारी डिफेंस और नेशनल सिक्योरिटी की प्रायोरिटीज हमारे अपने नेशनल इंटरेस्ट से तय होंगी, किसी और के एजेंडे से नहीं.
मॉस्को में आर्मी चीफ की स्ट्रैटेजी
रूस की राजधानी मॉस्को में आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ की रूसी मिलिट्री लीडर्स के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग्स ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. बीते 8 सालों में किसी सेवारत भारतीय सेना प्रमुख की यह पहली रूस यात्रा है, जो अपने आप में एक बड़ा माइलस्टोन है. इस विजिट के पीछे का कोर मोटिव सिर्फ पुराना हिसाब रखना नहीं है बल्कि फ्यूचर के लिए नेक्स्ट-लेवल डिफेंस डील करना है.
• स्पेयर पार्ट्स और पुराना बेड़ा: रूस से मिले टैंक, एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य बख्तरबंद वाहनों की सप्लाई चेन को स्मूथ रखना ताकि देश की बॉर्डर सिक्योरिटी हमेशा ऑन-पॉइंट रहे.• पेंटसिर-S1M और एयर डिफेंस: रूस का अपग्रेडेड शॉर्ट-रेंज मोबाइल एयर-डिफेंस सिस्टम पेंटसिर-S1M भारत के रडार पर है जो ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से निपटने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है.• फ्यूचर टैंक और BMPs: भारत के फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल (FRCV) प्रोग्राम और इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स (BMP-3) पर मिलकर काम करने की प्लानिंग से भारत की फायरपावर कई गुना बढ़ जाएगी.
चीन-पाकिस्तान की नींद क्यों उड़ी है?जब भारत और रूस मिलकर एयर डिफेंस, नेक्स्ट-जेन टैंक और स्वदेशी-विदेशी तकनीक का परफेक्ट ब्लूप्रिंट तैयार करते हैं, तो इसका सीधा असर हमारे पड़ोसी देशों पर पड़ता है. भारत की यह स्ट्रैटेजी चीन और पाकिस्तान के लिए एक बड़ा करंट है. वे समझ चुके हैं कि अमेरिका के कथित टैरिफ प्रेशर के बावजूद भारत अपने डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने से पीछे नहीं हटने वाला. कुल मिलाकर, अमेरिकी संसद के फैसले और फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कागज के तुकड़े पर साइन को दरकिनार करते हुए मॉस्को के साथ इस नई पार्टनरशिप को मजबूत करना यह साबित करता है कि भारत अब ग्लोबल स्टेज पर किसी के दबाव में झुकने वाला देश नहीं है बल्कि अपने टर्म्स पर गेम खेलने वाला सुपरपावर है.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
September 19, 2026, 16:47 IST



