Jodhpur News: 14 साल का साथ हुआ खत्म, माचिया की शेरनी ने ली आखिरी सांस, पीछे छोड़ गई कुनबे की यादें

Last Updated:September 19, 2026, 12:09 IST
Machia Biological Park: जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान की 14 वर्षीय शेरनी ने शुक्रवार को अंतिम सांस ली. 2016 में गुजरात के शक्करबाग जंतुआलय से लाई गई इस शेरनी ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म देकर माचिया में शेरों का कुनबा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. उसके निधन के बाद अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार किया. शेरनी की मौत से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में मायूसी है, वहीं अब माचिया में नई शेरनी लाए जाने का इंतजार है.
जोधपुर. माचिया जैविक उद्यान की एकमात्र 14 वर्षीय शेरनी ने शुक्रवार सुबह अंतिम सांस ली. शेरनी के निधन के बाद वन विभाग, पुलिस और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा नियमानुसार पोस्टमार्टम किया गया. इसके बाद माचिया वन खंड में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. उप वन संरक्षक (वन्यजीव) उदाराम सियोल के अनुसार, इस शेरनी को 18 मार्च 2016 को गुजरात के प्रसिद्ध शक्करबाग जंतुआलय (जूनागढ़) से जोधपुर लाया गया था.
उद्यान में रहते हुए उसने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया. खास बात यह है कि वर्तमान में माचिया जैविक उद्यान में मौजूद एकमात्र शेर इसी शेरनी का पुत्र है. राजस्थान में शेरों के कुनबे को बढ़ाने और उनके संरक्षण में इस शेरनी की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है.
अब थम गई शावकों की किलकारियांमाचिया जैविक उद्यान में पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों की रौनक इसी शेरनी के इर्द-गिर्द घूमती थी. उसने रियाज, कैलाश और लक्ष्मी जैसे खूबसूरत शावकों को जन्म देकर पार्क के माहौल को नई जिंदगी और नई पहचान दी थी. उसके न रहने से अब पार्क का एक मुख्य आकर्षण हमेशा के लिए शांत हो गया है. जब तक वन विभाग की ओर से कोई नई शेरनी यहां नहीं लाई जाती, तब तक माचिया जैविक उद्यान में शावकों की किलकारियों की गूंज सुनने को नहीं मिलेगी.
अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कारपोस्टमार्टम और दाह संस्कार की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान वरिष्ठ पशु चिकित्सकों की टीम के साथ उप वन संरक्षक, सहायक वन संरक्षक, क्षेत्रीय वन अधिकारी, पुलिस विभाग से एएसआई तथा राजस्व विभाग से आरआई सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.
शेरनी के निधन से वन्यजीव प्रेमियों में मायूसी14 साल तक माचिया जैविक उद्यान का हिस्सा रही शेरनी के निधन की खबर से वन्यजीव प्रेमियों और नियमित पर्यटकों में मायूसी है. शेरनी ने यहां न केवल अपना परिवार बढ़ाया, बल्कि माचिया की पहचान और पर्यटकों के आकर्षण को भी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अब वन विभाग की ओर से नई शेरनी लाए जाने की उम्मीद है, जिससे एक बार फिर माचिया में शेरों का कुनबा बढ़ सके.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
September 19, 2026, 12:09 IST



