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झूठ, झूठ… राहुल के ‘छात्रों की गूंज’ में 5 सवालों पर घमासान, जानें सच्चाई
Last Updated:September 19, 2026, 20:38 IST
Rahul Gandhi Indore Chhatron Ki Goonj: मध्य प्रदेश के इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दावों पर ‘झूठ की गूंज’ नाम के एक एक्स पेज ने तीखा फैक्ट-चेक किया. MPPSC के 87:13 फॉर्मूले, 2019 के ओबीसी आरक्षण अध्यादेश, अडानी के साथ कांग्रेस शासित राज्यों के व्यापार, एनएसयूआई नेता को सामान्य छात्र बताने और एकलव्य स्कूलों के आंकड़ों को आधार बनाकर राहुल के पांचों दावों पर एक एक कर सफाई दी गई.राहुल गांधी का प्रोग्राम इंदौर में हुआ.
मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयानों पर सियासी पारा पूरी तरह हाई हो चुका है. यहां छात्रों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल बड़े-बड़े दावे कर रहे थे. वहीं दूसरी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्टिव ‘झूठ की गूंज’ नामक एक पेज पर राहुल गांधी के भाषण में किए गए दावों की एक-एक कर धज्जियां उड़ाई जा रही थी. राहुल के दावों की परत उधेड़ते हुए उनका कड़ा फैक्ट-चेक इस पेज के जरिए किया गया. आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं उनके 5 चर्चित दावे और उनकी जमीनी हकीकत क्या है.
1. MPPSC भर्तियों और 87:13 फॉर्मूले पर दावा
• राहुल गांधी का दावा: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले आठ वर्षों में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की सभी भर्तियों में 13% पदों को होल्ड पर रखा गया है, जिससे 4.87 लाख पद पेंडिंग पड़े हैं.• फैक्ट-चेक: इस एक्स पेज ने दावे को पूरी तरह गलत बताया. कहा गया कि मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग का 87:13 का फॉर्मूला पिछले आठ साल से नहीं, बल्कि 29 सितंबर 2022 यानी महज चार साल पहले आया था. यह विवाद कांग्रेस के कार्यकाल में 2019 में 27% ओबीसी आरक्षण बढ़ाने से शुरू हुआ था. नियुक्तियां 87% पदों पर जारी रहीं और केवल लगभग 10,000 पद ही इस कानूनी पेच से प्रभावित हुए हैं, न कि 4.87 लाख पद.
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Lie No. 1:
“In all the recruitment drives conducted by the MP Public Service Commission over the past eight years, 13% of the posts have been kept on hold. 4.87 lakh posts are pending because of… pic.twitter.com/MoRI2L0JNN



