एक पेड़ और फायदे अनेक, सहजन की पत्तियों से बीज तक में छिपा है पोषण का खजाना

Last Updated:September 20, 2026, 06:26 IST
सहजन यानी मोरिंगा की पत्तियां, फलियां और बीज पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं. इनमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, प्रोटीन और कई विटामिन पाए जाते हैं. सहजन का इस्तेमाल भोजन के साथ-साथ पाउडर और तेल जैसे उत्पादों में भी किया जाता है. हालांकि इसे किसी बीमारी की दवा या चमत्कारी इलाज नहीं मानना चाहिए.
आज के दौर में लोगों का रुझान प्राकृतिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. इसी के अंतर्गत मोरिंगा यानी सहजन भी खास महत्त्व रखता है. इसकी पत्तियां, फलियां और बीज अलग-अलग तरीकों से प्रयोग किए जाते हैं. खासकर पत्तियों में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जिसके कारण इसे पौष्टिक आहार का अच्छा स्रोत भी कहा गया है.
सहजन यानि मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन, खनिज और प्रोटीन जैसे कई पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं जैसे कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और विटामिन A, C तथा E आदि. इन्हीं सब खासियत के कारण मोरिंगा को संतुलित भोजन का उपयोगी हिस्सा बनाया जा सकता है. लेकिन इसे किसी भी पोषण जरूरत का इकलौता विकल्प नहीं समझना चाहिए, बहुत फायदेमंद चीज भी किन्हीं परिस्थितियों में हानिकारक हो सकते हैं. अतः मरीज डॉक्टर से जरूर राय ले.
मोरिंगा में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. पौष्टिक आहार के हिस्से के रूप में इसकी पत्तियां शरीर को जरूरी पोषक तत्व दे सकती हैं. थकान या कमजोरी की हर समस्या का इलाज सहजन यानि मोरिंगा नहीं है, हालांकि संतुलित भोजन में इसका इस्तेमाल बेहद लाभकारी और गुणकारी साबित हो सकता है.
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राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ वंदना तिवारी के अनुसार, मोरिंगा ब्लड शुगर में भी काफी लाभकारी बताया जाता हैं. हालांकि इसे डायबिटीज की एकदम शक्तिशाली दवा नहीं मानाना चाहिए, क्योंकि कंडीशन अलग भी हो सकता है. शूगर के मरीजों के लिए दवाएं, खान-पान और डॉक्टर की सलाह सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक है.
मोरिंगा के बीजों से निकाला गया तेल भी काफी लाभकारी होता हैं. इसमें ऐसे फायदेमंद तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा को मुलायम बनाए रखने और नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. यही कारण है कि, इसका इस्तेमाल कई कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है. बालों में भी इसका प्रयोग किया जाता है, ध्यान दे कि, डैंड्रफ या बाल झड़ने के इलाज में सावधानी से प्रयोग करें.
मोरिंगा यानि सहजन की फलियां और पत्तियां भारतीय भोजन का बहुत ही शानदार और दमदार हिस्सा हैं. इनमें फाइबर सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो संतुलित आहार में पाचन स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं. सहजन में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो सूजन, जोड़ो का दर्द, हृदय रोग और लिवर के लिए भी फायदेमंद है.
मोरिंगा की खासियत न केवल पोषण तत्वों तक सीमित है, बल्कि खेती के नजरिए से भी सहजन किसानों के लिए बहुत फायदेमंद फसल साबित हो सकती है. यह बलिया में काफी आसानी से उगता हैं. इसकी फलियों, पत्तियों तथा बीजों के अलग-अलग बाजार भाव हैं. इसके पाउडर, तेल और अन्य उत्पाद किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बड़ा आधार बन सकते हैं.
सहजन (मोरिंगा) में भोजन, पारंपरिक उपयोग और खेती यानी तीनों की संभावनाएं होती हैं. अगर घर में जगह हो, तो सहजन का पेड़ हरियाली के साथ रसोई के लिए ताजी फलियां और पत्तियां भी दे सकता है. लेकिन इसे चमत्कारी औषधि समझने के बजाय पौष्टिक भोजन का हिस्सा मानना ज्यादा बुद्धिमानी है. इसकी असली ताकत इसके बहुआयामी उपयोग में छिपा होता हैं. इसकी सब्जी के स्वाद में जादू होता हैं. इसके कई प्रयोग हैं.
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September 20, 2026, 06:26 IST



