Lumpy Skin Disease in Cows: लंपी के बीच भरतपुर की इस गौशाला की गायें क्यों बनीं चर्चा का विषय? मान्यता जानकर चौंक जाएंगे

Last Updated:September 20, 2026, 11:44 IST
Lumpy Skin Disease in Cows: राजस्थान में लंपी वायरस को लेकर चिंता के बीच भरतपुर की काली बगीची गौशाला चर्चा में है. यहां गायों की साफ-सफाई, पौष्टिक आहार और नियमित स्वास्थ्य निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाता है. गौशाला को लेकर मान्यता है कि यहां रहने वाली गायों पर गंभीर रोगों का असर नहीं पड़ता. आस्था से जुड़ी इस मान्यता के बीच विशेषज्ञ बीमारी से बचाव में स्वच्छता, टीकाकरण और पशु चिकित्सा निगरानी को अहम मानते हैं.
भरतपुर. राजस्थान में इन दिनों लंपी वायरस को लेकर पशुपालकों की चिंता बढ़ी हुई है, ऐसे समय में भरतपुर की काली बगीची गौशाला अपनी गायों की बेहतर देखभाल को लेकर चर्चा में है. यहां बड़ी संख्या में गायों का पालन-पोषण किया जाता है और गौशाला प्रबंधन के अनुसार गायों को स्वस्थ रखने के लिए साफ-सफाई, खान-पान और नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है. काली बगीची से जुड़ी एक खास मान्यता भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. मंदिर के पुजारी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यहां लंबे समय से ऐसी मान्यता है कि गौशाला में रहने वाली गायों पर किसी गंभीर रोग का प्रभाव नहीं पड़ता, श्रद्धालु इसे धार्मिक आस्था और चमत्कार से जोड़कर देखते हैं.
वहीं गौशाला प्रबंधन का कहना है कि गायों के स्वास्थ्य को लेकर लगातार निगरानी रखी जाती है. बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई, पौष्टिक चारा, पर्याप्त पानी और जरूरत के अनुसार पशु चिकित्सकों की सलाह ली जाती है. किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसकी अलग से निगरानी और उपचार की व्यवस्था भी की जाती है. गौशाला में आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी यहां स्वस्थ दिखाई देने वाली गायों को देखकर आकर्षित होते हैं. उनका कहना है कि गौसेवा के साथ-साथ पशुओं की नियमित देखभाल का भी यहां विशेष ध्यान रखा जाता है.
हालांकि गायों के पूरी तरह रोगमुक्त रहने को केवल चमत्कार मानना या इसका वैज्ञानिक कारण बताना अलग-अलग दृष्टिकोण का विषय है. पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता, टीकाकरण, समय पर उपचार और पशु चिकित्सा निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में काली बगीची गौशाला की स्वस्थ गायें लोगों के बीच चर्चा का विषय जरूर बनी हुई हैं. इसे आस्था का परिणाम माना जाए या गौशाला प्रबंधन की मेहनत, लेकिन पशुओं की नियमित देखभाल और स्वास्थ्य सुरक्षा पर ध्यान देना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
September 20, 2026, 11:44 IST



