Rajasthan

दौसा में सब्सिडी वाले यूरिया से DEF बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़, 3000 लीटर माल जब्त, मामला दर्ज

Last Updated:September 22, 2026, 12:59 IST

दौसा के बालाहेड़ा गांव में कृषि विभाग की टीम ने देर रात अवैध यूरिया फैक्ट्री पर छापा मारा गया था. किसानों के लिए आने वाले सब्सिडी वाले नीम कोटेड यूरिया से गाड़ियों में डलने वाला DEF बनाया जा रहा था. मौके से नीम कोटेड यूरिया के बोरे और टंकियों में भरा 3000 लीटर अवैध DEF बरामद किया गया. आरोपी मुकेश कुमार के खिलाफ बैजूपाड़ा थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है.सब्सिडी वाले यूरिया से DEF बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़, 3000 लीटर माल जब्तZoom

दौसा. कृषि विभाग ने यूरिया के अवैध इस्तेमाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. दौसा में बालाहेड़ा गांव में रात के समय छापेमारी कर करीब 3000 लीटर तैयार DEF बरामद किया गया है. आरोप है कि कृषि उपयोग में आने वाले नीम कोटेड यूरिया से वाहनों में इस्तेमाल होने वाला DEF तैयार किया जा रहा था.

कृषि विभाग के सहायक निदेशक अशोक मीणा के नेतृत्व में टीम ने बालाहेड़ा गांव में छापा मारा. कार्रवाई के दौरान मौके पर नीम कोटेड यूरिया के बैग मिले. वहीं, टंकियों में करीब 3000 लीटर तैयार DEF भरा हुआ मिला. मामले की गंभीरता को देखते हुए बैजूपाड़ा थाना पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया. थाना अधिकारी मनीषा मीणा पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचीं.

कृषि वाले यूरिया का व्यावसायिक इस्तेमाल

कृषि विभाग के मुताबिक, मौके पर मिले नीम कोटेड यूरिया का इस्तेमाल वाहनों में उपयोग होने वाला DEF तैयार करने में किया जा रहा था. विभाग ने इसे यूरिया के अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला बताया है. छापेमारी के दौरान मिले यूरिया और तैयार DEF को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया.

मामले में मुकेश कुमार के खिलाफ बैजूपाड़ा थाने में FIR दर्ज कराई गई है. पुलिस ने उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया है. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि यूरिया कहां से आया और इस तरह DEF तैयार करने का काम कब से चल रहा था.

क्या होता है डीएएफ?

DEF यानी डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड एक खास तरह का घोल है. इसका इस्तेमाल आधुनिक डीजल वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए किया जाता है. इसे आम भाषा में डीजल वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण वाला फ्लूइड भी समझ सकते हैं. इसे बनाने के लिए खेत में उपयोग होने वाले यूरिया का इस्तेमाल किया जा रहा था.

About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

Sajan Kumar is a journalist with professional experience in digital news, web journalism, SEO content, copy editing and social media storytelling. He has been working in journalism since 2020 and has worked wit…

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Dausa,Rajasthan

First Published :

September 22, 2026, 12:59 IST

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