Hair Care Tips: सितंबर की उमस में बाल हो रहे चिपचिपे, दादी-नानी के नीम-दही और मेथी वाले ये नुस्खे आएंगे काम

Last Updated:September 24, 2026, 08:53 IST
Hair Care Home Remedies: सितंबर की गर्मी और उमस में पसीने का असर स्कैल्प पर भी पड़ता है. बाल जल्दी ऑयली और चिपचिपे हो सकते हैं, वहीं कुछ लोगों को खुजली और डैंड्रफ की परेशानी भी महसूस हो सकती है. ऐसे मौसम में दादी-नानी के पारंपरिक घरेलू नुस्खों में नीम, दही और मेथी का इस्तेमाल किया जाता रहा है. नीम की पत्तियों को उबालकर तैयार पानी से बाल धोने, सादे दही को बालों की लंबाई पर लगाने और भीगी मेथी का पेस्ट इस्तेमाल करने की परंपरा रही है. उमस में तेल लगाने और गीले बाल बांधने को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. साथ ही कंघी, तौलिया और तकिए के कवर की साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी माना जाता है. किसी भी नुस्खे से जलन या परेशानी होने पर उसका इस्तेमाल रोककर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.
सितंबर में गर्मी और उमस के कारण पसीना सिर्फ चेहरे और शरीर पर ही नहीं, बल्कि स्कैल्प पर भी असर डालता है. बाल जल्दी चिपचिपे होने लगते हैं और खुजली व डैंड्रफ की परेशानी बढ़ सकती है. दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में नीम की पत्तियों का इस्तेमाल काफी पुराना है. दादी कमला देवी ने लोकल18 को जानकारी देते हुए बताया कि.नीम की कुछ साफ पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा किया जाता है और उस पानी से बाल धोने के बाद स्कैल्प को साफ किया जाता है. उमस में पसीने और चिपचिपाहट के कारण परेशान स्कैल्प के लिए इसे पारंपरिक देखभाल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है.
दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में दही का इस्तेमाल बालों की देखभाल के लिए भी किया जाता रहा है. सादा यानी प्लेन दही बालों की लंबाई पर थोड़ी देर लगाकर रखा जा सकता है. इसके बाद बालों को अच्छी तरह धो लेना चाहिए, ताकि दही पूरी तरह निकल जाए. हालांकि, अगर स्कैल्प पहले से ऑयली है या डैंड्रफ की समस्या ज्यादा रहती है, तो दही का इस्तेमाल सावधानी से करना बेहतर है. इसे बार-बार लगाने के बजाय शुरुआत में थोड़ी मात्रा लेकर पैच टेस्ट जैसा करके देखा जा सकता है. किसी तरह की जलन या परेशानी महसूस हो तो इस्तेमाल बंद कर दें.
मेथी के दानों का इस्तेमाल भी पुराने समय से बालों की देखभाल के पारंपरिक नुस्खे के तौर पर किया जाता रहा है. मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह पीसकर पेस्ट तैयार किया जाता है. इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर थोड़ी देर लगाया जाता है और फिर पानी से अच्छी तरह धो लिया जाता है. हालांकि, उमस या गर्म मौसम में इसे लंबे समय तक सिर पर लगाए रखने से बचना चाहिए. पहली बार इस्तेमाल करने पर थोड़ी मात्रा से शुरुआत करना बेहतर है, ताकि त्वचा पर किसी तरह की परेशानी होने पर तुरंत पता चल सके.
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दादी-नानी बालों की देखभाल के लिए तेल लगाने की सलाह देती थीं, लेकिन उमस के मौसम में इसका तरीका थोड़ा बदलना जरूरी हो सकता है. बहुत ज्यादा तेल लगाकर कई घंटों तक रखने से स्कैल्प अधिक चिपचिपा महसूस हो सकता है. ऐसे में जरूरत के हिसाब से थोड़ी मात्रा में तेल लगाएं और कुछ समय बाद बालों को अच्छी तरह धो लें. अगर तेल लगाने के बाद स्कैल्प में खुजली, जलन या डैंड्रफ बढ़ने लगे तो इसका इस्तेमाल रोक देना बेहतर है. जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें.
पुराने समय से ही बालों को अच्छी तरह सुखाकर बांधने की सलाह दी जाती रही है. उमस के मौसम में गीले बाल बांधने से स्कैल्प लंबे समय तक नम रह सकता है, जिससे खुजली और बेचैनी बढ़ सकती है. इसलिए बाल धोने के बाद उन्हें पहले अच्छी तरह सुखाना बेहतर माना जाता है. बालों में नमी कम होने के बाद ही कंघी करें और बांधें. बहुत कसकर बाल बांधने से भी बचना चाहिए. अगर स्कैल्प में लगातार खुजली या जलन रहती है, तो एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है.
पुराने समय में दादी-नानी बालों की देखभाल में साफ-सफाई को भी जरूरी मानती थीं. उमस के मौसम में कंघी, तौलिया और तकिए का कवर नियमित रूप से साफ रखना चाहिए. कंघी किसी दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर करने से बचें. पसीना आने के बाद सिर को लंबे समय तक गीला या ढककर न रखें, क्योंकि इससे स्कैल्प में नमी बनी रह सकती है. बालों और स्कैल्प को साफ रखने के लिए समय-समय पर धोना जरूरी है. अगर खुजली, जलन या डैंड्रफ जैसी समस्या लगातार बनी रहे, तो एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है.
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September 24, 2026, 08:53 IST



