एसआई री-एग्जाम के पेपर पर अभ्यर्थियों का आक्रोश, दोबारा परीक्षा की मांग, 29 को जयपुर में प्रदर्शन

Last Updated:September 28, 2026, 08:33 IST
SI Re-examination Demand: एसआई री-एग्जाम के पेपर को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध अब आंदोलन की ओर बढ़ रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि 20 सितंबर को आयोजित परीक्षा का प्रश्न पत्र निर्धारित ट्रेंड से अलग और अत्यधिक कठिन था. उनका आरोप है कि दो घंटे में पेपर पूरा करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल रहा. अभ्यर्थियों ने 29 सितंबर को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना देने की घोषणा की है. उनका दावा है कि प्रदेशभर से युवा इसमें शामिल होंगे. अभ्यर्थी परीक्षा दोबारा कराने और पेपर के पैटर्न की विशेषज्ञ समीक्षा की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही RPSC और कर्मचारी चयन बोर्ड में विषय विशेषज्ञों और अनुभवी शिक्षाविदों को शामिल करने की मांग की गई है. एसआई री-एग्जाम के पेपर को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध अब आंदोलन की ओर बढ़ रहा है
जयपुर. 20 सितंबर को आयोजित एसआई भर्ती के री-एग्जाम के प्रश्न पत्र को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध बढ़ता जा रहा है. अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र को निर्धारित परीक्षा पैटर्न और पिछले ट्रेंड से अलग बताते हुए कठिन और अतार्किक होने का दावा किया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि दो घंटे की निर्धारित समय सीमा में पूरे प्रश्न पत्र को हल करना व्यावहारिक रूप से बेहद मुश्किल रहा. इसी को लेकर अब एसआई भर्ती के अभ्यर्थियों ने 29 सितंबर को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना देने का ऐलान किया है. अभ्यर्थियों का दावा है कि इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे.
अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र निर्धारित पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न के अनुरूप नहीं था. उनका कहना है कि प्रश्नों का कठिनाई स्तर काफी अधिक होने के कारण अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन में भी परेशानी हुई. अभ्यर्थी सत्येंद्र राव ने कहा कि परीक्षा का पेपर निर्धारित ट्रेंड से काफी अलग था. उनके अनुसार, प्रश्न पत्र ऐसा था जिसे दो घंटे की समय सीमा में हल करना कई अभ्यर्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा.
एसआई री-एग्जाम को दोबारा कराने की मांग
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि 20 सितंबर को आयोजित एसआई री-एग्जाम को दोबारा कराया जाए. साथ ही प्रश्न पत्र के पैटर्न और कठिनाई स्तर की विशेषज्ञों से समीक्षा कराने की मांग भी उठाई गई है. अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा में सभी उम्मीदवारों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए समान और उचित अवसर मिलना चाहिए. उनका आरोप है कि प्रश्न पत्र के स्तर और पैटर्न में बदलाव से अभ्यर्थियों को परेशानी हुई.
RPSC और कर्मचारी चयन बोर्ड के पुनर्गठन की मांग
अभ्यर्थियों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग यानी आरपीएससी और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के पुनर्गठन की मांग भी उठाई है. उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग और बोर्ड में विषय विशेषज्ञों तथा अनुभवी शिक्षाविदों को शामिल किया जाना चाहिए. अभ्यर्थियों के अनुसार, परीक्षा का प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर भर्ती प्रक्रिया के संचालन तक विशेषज्ञता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. छात्र नेता राम सिंह समोता ने कहा कि आरपीएससी और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से असंतोष है. उन्होंने कहा कि एसआई भर्ती री-एग्जाम का प्रश्न पत्र इस असंतोष का ताजा उदाहरण है. उन्होंने आयोग और बोर्ड में ऐसे विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की, जिन्हें शैक्षणिक अनुभव के साथ भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया की समझ हो.
प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
अभ्यर्थियों ने कहा कि 29 सितंबर को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना देकर वे अपनी मांगों को सामने रखेंगे. उनका दावा है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से अभ्यर्थी इस आंदोलन में पहुंचेंगे. उन्होंने मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी है. अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका विरोध केवल प्रश्न पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता, विशेषज्ञता और अभ्यर्थियों को समान अवसर देने से जुड़ा है. फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर 29 सितंबर के प्रस्तावित धरने और उनकी मांगों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया पर है.About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 28, 2026, 08:33 IST



