Jeera Price Today | Nagaur Mandi Rate | Cumin seed market price

Last Updated:October 03, 2026, 08:29 IST
Jeera Price In Nagaur Mandi: राजस्थान की नागौर कृषि मंडी में रबी सीजन की प्रमुख मसाला फसल जीरे की आवक शुरू हो गई है. मंडी में अच्छी क्वालिटी के जीरे के भाव 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल के पार पहुंच गए हैं. दाने के आकार, रंग और सफाई के आधार पर व्यापारी बोली लगा रहे हैं. जीरे के बेहतर दाम मिलने से किसानों में अच्छे मुनाफे की उम्मीद बंधी है. व्यापारियों ने किसानों को जीरे की सफाई और ग्रेडिंग करके मंडी लाने की सलाह दी है. आने वाले दिनों में आवक बढ़ने के साथ बाजार के रुझान और स्पष्ट होंगे. किसान भाव जानकर निर्णय लें.
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नागौर: राजस्थान की प्रसिद्ध नागौर कृषि अनाज मंडी में रबी सीजन की प्रमुख मसाला फसल जीरे की आवक आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है. आवक के साथ ही मंडी प्रांगण में फिर से व्यापारिक चहल-पहल और रौनक लौट आई है. नागौर जिले के आसपास के ग्रामीण इलाकों और दूर-दराज के गांवों से किसान अपनी जीरे की उपज लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों में मंडी पहुंच रहे हैं. मंडी में पहुंच रही जीरे की उपज की गुणवत्ता और ग्रेडिंग के आधार पर भाव तय किए जा रहे हैं. इन दिनों मंडी में बेहतरीन क्वालिटी वाले जीरे के भाव 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल के आंकड़े को पार कर चुके हैं. इससे किसानों के चेहरों पर खुशी देखी जा रही है और उन्हें अपनी फसल का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद जग गई है.
जीरे की नई फसल की आवक शुरू होते ही नागौर मंडी में किसानों और व्यापारियों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं. रोजाना सुबह-तड़के से ही किसान अपनी उपज की ढेरी मंडी प्रांगण में लगाने लगते हैं. इसके बाद मंडी के व्यापारी और बोलीदाता ढेरियों के पास जाकर जीरे के दाने की गुणवत्ता की बारीकी से जांच करते हैं. बोली प्रक्रिया के दौरान जीरे के दाने का आकार, उसका प्राकृतिक रंग, दाने की सफाई, उसमें मौजूद नमी और ओवरऑल क्वालिटी को ध्यान में रखकर अलग-अलग भाव तय किए जाते हैं. जिस जीरे में नमी कम होती है और दाना बड़ा व साफ होता है, उसकी बोलियां सबसे ऊंची लगाई जा रही हैं.
उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले जीरे की भारी मांगकृषि मंडी के प्रमुख व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रीमियम क्वालिटी के जीरे की मांग काफी मजबूत बनी हुई है. जो किसान अपने जीरे की अच्छी तरह से सफाई करके और सुखाकर मंडी ला रहे हैं, उन्हें 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल से भी ऊपर का भाव आसानी से मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर, सामान्य या हल्की गुणवत्ता वाली उपज के भाव थोड़ा कम रह रहे हैं. व्यापारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल की थ्रेशिंग और ग्रेडिंग पर विशेष ध्यान दें. सही सफाई और उचित भंडारण तकनीक अपनाकर किसान अपनी फसल का बाजार में अधिक से अधिक मूल्य प्राप्त कर सकते हैं.
कीमतों में दैनिक उतार-चढ़ाव की संभावनामंडी कारोबारियों और कृषि बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जीरे के दाम कभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं रहते हैं. मंडी में रोजाना होने वाली जीरे की कुल आवक, घरेलू मांग, निर्यात बाजार के रुझान और देश की अन्य बड़ी मंडियों के भावों के आधार पर कीमतों में लगातार बदलाव होता रहता है. आने वाले दिनों में जब आवक और अधिक बढ़ेगी, तब बाजार में जीरे के दामों की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो जाएगी. इसलिए किसानों को यह सलाह दी जा रही है कि वे अपनी उपज को बेचने के लिए मंडी लाने से पहले स्थानीय मंडी समिति या आढ़तियों से ताजा भावों की जानकारी अवश्य ले लें ताकि सही समय पर सही निर्णय लिया जा सके.
नकदी फसल से किसानों को राहतनागौर और पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए जीरा एक बेहद महत्वपूर्ण नकदी फसल (Cash Crop) मानी जाती है. जीरे की खेती में किसानों की काफी मेहनत, समय और लागत लगती है. ऐसे में सीजन की शुरुआत में ही 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल से अधिक का भाव मिलना किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने वाला साबित हो रहा है. नागौर मंडी प्रशासन का अनुमान है कि आगामी हफ्तों में जीरे की आवक में भारी इजाफा होगा, जिससे मंडी का कारोबार नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
October 03, 2026, 08:29 IST



