child eye care | kajal lagane ke nuksan | kajal lagane se kya hota hai | बच्चों की आंखों में काजल लगाना सही या गलत? दादी-नानी का नुस्खा कितना सही

Last Updated:October 06, 2026, 13:36 IST
Jaunpur News: पुराने जमान में दादी-नानी बच्चों को काजल जरूर लगाती थीं, लेकिन अब ये परंपरा खत्म होती जा रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि इससे बच्चों की आंखों में काजल लगाने से संक्रमण, जलन और एलर्जी का खतरा हो सकता है, इसलिए बच्चों की आंखों में काजल लगाने से बचना चाहिए.
जौनपुर: कभी दादी-नानी बच्चों की आंखों को नजर और धूल-मिट्टी से बचाने के लिए काजल लगाया करती थीं. घर में जन्म लेने वाले छोटे बच्चे की आंखों में काजल लगाना एक परंपरा मानी जाती थी. लेकिन बदलते समय के साथ अब विशेषज्ञ बच्चों की आंखों में काजल लगाने से बचने की सलाह दे रहे हैं. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शुक्ला के अनुसार, बच्चों की आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं और काजल लगाने से उनमें कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं.
डॉ. मुकेश शुक्ला ने बताया कि बाजार में मिलने वाले काजल में कई बार ऐसे रासायनिक पदार्थ और रंग मिलाए जाते हैं, जो बच्चों की आंखों के लिए सुरक्षित नहीं होते. खासकर छोटे बच्चों में आंखों के आसपास या आंख के अंदर काजल लगाने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. बच्चों की आंखों को बार-बार छूने और काजल लगाने की प्रक्रिया में हाथों से भी बैक्टीरिया आंखों तक पहुंच सकते हैं.
काजल से हो सकती है जलन और एलर्जीडॉ. मुकेश बताते हैं कि काजल लगाने के बाद कुछ बच्चों की आंखों में जलन, लालिमा, पानी आना और खुजली जैसी समस्या हो सकती है. अगर काजल का कोई कण आंख के अंदर चला जाए तो आंख में रगड़ महसूस होने के साथ परेशानी बढ़ सकती है. छोटे बच्चे अपनी आंखों को बार-बार हाथ से रगड़ते हैं, जिससे संक्रमण या चोट का खतरा भी रहता है.
इसके अलावा, लंबे समय तक या नियमित रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ काजल में हानिकारक तत्व पाए जाने की आशंका रहती है. विशेष रूप से घर पर तैयार किए गए काजल को पूरी तरह सुरक्षित मानना भी सही नहीं है. इसे बनाने और रखने के दौरान स्वच्छता का ध्यान न रखने पर उसमें संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्म जीव पहुंच सकते हैं.
आंखों की सुरक्षा के लिए काजल जरूरी नहींबच्चों की आंखों को स्वस्थ रखने के लिए काजल लगाने की कोई जरूरत नहीं है. बच्चे की आंखों में धूल या कोई बाहरी कण चला जाए तो साफ पानी से आंखों को धोना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. आंखों की सफाई के नाम पर किसी भी तरह का घरेलू पदार्थ या काजल आंखों में नहीं डालना चाहिए.
दादी-नानी के समय में काजल लगाने की परंपरा भले ही प्यार और देखभाल से जुड़ी रही हो, लेकिन आज बच्चों की आंखों की संवेदनशीलता और संक्रमण के खतरे को देखते हुए सावधानी जरूरी है. डॉ. मुकेश की सलाह है कि छोटे बच्चों की आंखों में काजल लगाने से बचें और आंखों में लालिमा, सूजन, लगातार पानी आना या दर्द जैसी समस्या दिखाई दे तो बिना देरी किए बाल रोग विशेषज्ञ या आंखों के डॉक्टर से संपर्क करें.
About the Authorआर्यन सेठ
आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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Jaunpur,Uttar Pradesh
First Published :
October 06, 2026, 13:36 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



