‘कुछ रिश्ते मौत से खत्म नहीं होते’, सायरा बानो ने अपनी गुरु रोशन कुमारी को दी श्रद्धांजलि, शेयर की अनसीन तस्वीरें

Last Updated:October 09, 2026, 22:49 IST
दिग्गज एक्ट्रेस सायरा बानो ने महान कथक नृत्यांगना पद्मश्री रोशन कुमारी के निधन पर गहरा शोक जताया है. सोशल मीडिया पर अपने निकाह और डांस प्रैक्टिस की दुर्लभ ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें साझा करते हुए सायरा ने बेहद भावुक नोट लिखा. उन्होंने बताया कि रोशन कुमारी केवल उनकी डांस टीचर नहीं, बल्कि परिवार, दोस्त और बड़ी बहन जैसी थीं. सायरा के मुताबिक, रोशन कुमारी ने ही उन्हें सिखाया कि नृत्य केवल शारीरिक कला नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है.
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सायरा बानो ने रोशन कुमारी को किया याद. (फोटो साभार: Instagram@sairabanu)
नई दिल्ली. दिग्गज एक्ट्रेस सायरा बानो सोशल मीडिया के जरिए अक्सर अतीत के पन्नों को टटोलती नजर आती हैं. अब उन्होंने अपनी गुरु और पद्मश्री से सम्मानित कथक नृत्यांगना रोशन कुमारी के 82 साल की उम्र में हुए निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. शुक्रवार को सायरा ने अपनी गुरु के साथ बिताए खास पलों की अनदेखी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें साझा करते हुए एक बेहद भावुक नोट भी लिखा. उन्होंने रोशन कुमारी को श्रद्धांजलि देते हुए अपनी नृत्य यात्रा में उनके अतुलनीय योगदान और यादों को नमन किया.
इस नोट में उन्होंने न सिर्फ अपनी गुरु के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर किया, बल्कि यह भी बताया कि रोशन कुमारी उनके लिए सिर्फ कथक की शिक्षिका नहीं थीं, बल्कि परिवार का हिस्सा बन गई थीं. सायरा बानो ने कहा कि कुछ लोगों को अलविदा कहना इतना मुश्किल होता है कि उनके लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं. वह मुझे कथक सिखाने वाली गुरु के रूप में मिली थीं, लेकिन धीरे-धीरे हमारा रिश्ता इससे कहीं आगे बढ़ गया. वह मेरे लिए विश्वासपात्र, दोस्त, बड़ी बहन जैसी और आखिरकार परिवार का हिस्सा बन गई थीं.
जयपुर घराने की कलाकार थीं रोशन कुमारी
उन्होंने कहा कि रोशन कुमारी ने उन्हें सिखाया कि नृत्य केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण, अभिव्यक्ति और आत्मा की भाषा है. सायरा बानो ने बताया कि रोशन कुमारी उनके जीवन का अहम हिस्सा थीं और उनकी शादी में भी मौजूद थीं. उन्होंने रोशन कुमारी को जयपुर घराने की महान कलाकार बताते हुए कहा कि उनका कथक, उनकी चक्करदार प्रस्तुतियां और उनकी गरिमा अद्वितीय थी.
कुछ रिश्ते मौत के साथ नहीं होते खत्म
सायरा बानो ने लिखा कि वह अपनी गुरु को अलविदा नहीं कहना चाहतीं, बल्कि फिर मिलेंगे कहना पसंद करेंगी, क्योंकि कुछ रिश्ते मौत से खत्म नहीं होते, वे यादों में हमेशा जीवित रहते हैं. उन्होंने कहा, ‘जब मैं छोटी थीं, तब कथक सीखने के लिए उनके पास गई थीं. उस समय मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मैं ऐसी शख्सियत से मिल रही हूं जो हमेशा के लिए मेरी जिंदगी और दिल पर अपनी छाप छोड़ देगी. उन्होंने मुझे सिखाया कि नृत्य सिर्फ हाथ-पैर चलाने या सुंदर भाव दिखाने का नाम नहीं है. यह अनुशासन, समर्पण और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का तरीका है. नृत्य के जरिए इंसान अपने दिल की बात भी कह सकता है.’
सायरा बानो की शादी में शामिल हुई थीं रोशन कुमारी
सायरा बानो ने अपनी जिंदगी के एक खास पल को याद करते हुए बताया, ‘रोशन कुमारी मेरे और दिलीप कुमार के निकाह के समय भी मौजूद थीं. उनका मेरे खास दिन पर साथ होना ऐसी याद है, जिसे मैं हमेशा अपने दिल के करीब रखूंगी. वह जयपुर घराने की लीजेंड थी. उनके पैरों की थाप में गजब की ताकत थी और उनके घूमने का अंदाज देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देता था. इसके बावजूद उनके नृत्य में हमेशा एक खास गरिमा और खूबसूरती नजर आती थी.’
About the AuthorKamta PrasadSenior Sub Editor
कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
October 09, 2026, 22:49 IST



