गायब हुई दीवारें, कचरे से प्रदूषित हुआ पानी और बढ़ा बड़ा हादसा होने का खतरा

Last Updated:October 12, 2026, 10:52 IST
Bharatpur Sujanganga Canal News: भरतपुर शहर के बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक सुजानगंगा नहर की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है. नहर की सुरक्षा दीवारें कई जगह से गायब होने के कारण आए दिन बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है. वहीं लोगों द्वारा कचरा डालने से नहर का पानी प्रदूषित होकर बदबू मार रहा है. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से असुरक्षित हिस्सों की तुरंत मरम्मत करवाने, नहर की सफाई सुनिश्चित करने और कचरा फेंकने वालों पर कड़ी रोक लगाने की मांग की है ताकि नहर का ऐतिहासिक महत्व सुरक्षित रह सके.
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भरतपुर: भरतपुर शहर के ठीक बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक सुजानगंगा नहर न केवल शहर का जलस्रोत रही है बल्कि इसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का एक मुख्य स्तम्भ मानी जाती है. शहर के बीच में स्थित होने के कारण प्रतिदिन हजारों लोग इसके आसपास से होकर गुजरते हैं. हालांकि वर्तमान समय में देखरेख के अभाव में यह ऐतिहासिक धरोहर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रही है. नहर के रखरखाव में कमी के कारण इसका गौरवशाली स्वरूप धीरे-धीरे धूमिल हो रहा है. स्थानीय लोग इसकी बिगड़ती हालत को लेकर बेहद चिंतित हैं और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की अपील कर रहे हैं.
सुजानगंगा नहर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है. नहर के किनारे बनी सुरक्षा दीवारें कई महत्वपूर्ण स्थलों पर पूरी तरह टूट चुकी हैं या बिल्कुल गायब हो गई हैं. चारदीवारी की अनुपस्थिति के कारण यहां से निकलने वाले आम राहगीरों और वाहनों के लिए हर समय जोखिम बना रहता है. स्थानीय निवासी ओमप्रकाश सिंघल ने लोकल 18 को बताया कि दीवार न होने के कारण खासकर रात के समय गंभीर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है. बच्चों, बुजुर्गों और चौपहिया वाहन चालकों के लिए इस मार्ग से गुजरना अत्यंत भयमुक्त नहीं रह गया है.
लगातार जमा होता कचरा और जल प्रदूषण की विकट समस्यासुरक्षा में चूक के साथ-साथ सुजानगंगा नहर में साफ-सफाई का स्तर भी बहुत खराब हो चुका है. आसपास के लोगों और असामाजिक तत्वों द्वारा नियमित रूप से कचरा और प्लास्टिक वेस्ट नहर में फेंका जा रहा है. कचरा जमा होने से नहर का पानी बुरी तरह दूषित और बदबूदार हो चुका है. पानी का यह प्रदूषण न केवल दिखने में खराब लगता है बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और जल की गुणवत्ता को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है. दूषित जल से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है जिससे क्षेत्र में बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है.
स्थानीय निवासियों की मांग और प्रशासनिक उत्तरदायित्वभरतपुर के नागरिकों ने संबंधित प्रशासनिक विभागों से मांग की है कि समस्या को गंभीरता से लिया जाए. नागरिकों का कहना है कि विभागीय अधिकारी नहर के असुरक्षित हिस्सों का तुरंत निरीक्षण करें और क्षतिग्रस्त दीवारों का निर्माण तुरंत शुरू करवाएं. इसके साथ ही नहर में कचरा फेंकने वालों पर भारी जुर्माना लगाने और नियमित रूप से नहर की जल स्वच्छता सुनिश्चित करने की मांग की गई है. अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस दिशा में ठोस कदम उठाकर ऐतिहासिक सुजानगंगा नहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 12, 2026, 10:52 IST



