52-वीक लो के करीब यह शेयर, फिर भी इस पर मोतीलाल ओसवाल लट्टू, दावा-आगे सरपट दौड़ेगा

Last Updated:October 13, 2026, 15:55 IST
Suzlon Energy Share : सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 31% की तगड़ी गिरावट देखी गई है, जबकि साल की शुरुआत से अब तक यह लगभग 24% टूट चुका है. अब यह शेयर अपने 52-वीक लो के बेहद करीब ट्रेड कर रहा है. इस गिरावट के बावजूद भी ब्रोकरेज सुजलॉन एनर्जी शेयर पर बुलिश हैं. मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी शेयर को बाय रेटिंग दी है.
नई दिल्ली. शेयर बाजार में जब कोई शेयर लगातार नीचे जा रहा हो तो वह आम निवेशकों का भरोसा खो देता है. लेकिन, सालभर 26 फीसदी टूट चुके रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड (Suzlon Energy Ltd.) के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश है. सुजलॉन शेयर में आज करीब डेढ फीसदी की तेजी के साथ 40.19 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसका 52-वीक लो 36.31 रुपये है. यानी अब यह शेयर अपने 52- हफ्ते के निचले स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है. मोतीलाल ओसवाल ने मौजूदा स्तर से सुजलॉन के शेयर में 73% तक की तेजी आने का अनुमान जताया है.
मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी शेयर को खरीदने सलाह निवेशकों को दी है. ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग को बरकरार रखते हुए 65 रुपये का नया टारगेट प्राइस दिया है. ऐसा नहीं है कि केवल इस एनर्जी स्टॉक पर केवल मोतीलाल ओसवाल ही बुलिश है. सुजलॉन स्टॉक को ट्रैक करने वाले 12 प्रमुख एनालिस्ट्स में से 10 ने ‘Buy’ और 2 ने ‘Hold’ की रेटिंग दी है. गौर करने वाली बात यह है कि किसी भी ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Sell’ की सलाह नहीं दी है.
3 महीने में 31 फीसदी गिरा सुजलॉन शेयर
सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 31% की तगड़ी गिरावट देखी गई है, जबकि साल की शुरुआत से अब तक यह लगभग 24% टूट चुका है. मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, इस करेक्शन ने शेयर को बेहद आकर्षक वैल्यूएशन पर लाकर खड़ा कर दिया है. वर्तमान में यह वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित प्रति शेयर मुनाफे (EPS) के महज 17.5 गुना मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है. यह इसके 22 गुना के औसत से काफी नीचे है. कंपनी की कमाई का 60% से 65% हिस्सा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में आता है और अनुमान है कि FY27 की दूसरी छमाही में डिलीवरी 1.2 GW से बढ़कर 2.1 GW तक जा सकती है.
तगड़ी है ऑर्डर बुक
ब्रोकरेज का कहना है कि सुजलॉन शेयर में तेजी आने का सबसे बड़ा ट्रिगर कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक है. जून तिमाही के अंत तक सुजलॉन के पास 5.9 गीगावॉट (GW) के पक्के ऑर्डर थे. यह ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2028 की तीसरी तिमाही तक की डिलीवरी के लिए 100% रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है. वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के दौरान कंपनी का EBITDA 22% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ सकता है.
देश में ऊर्जा की खपत का पैटर्न बदल रहा है. शाम के पीक आवर्स में बिजली की ऊंची मांग और मजबूत स्पॉट कीमतें विंड-सोलर हाइब्रिड और फर्म एवं डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए वरदान साबित हो रही हैं. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत ने 3 GW विंड एनर्जी क्षमता जोड़ी है. दूसरी छमाही में 4.5 GW और जुड़ने की उम्मीद है. यह तेजी सीधे तौर पर टर्बाइन बनाने वाली सुजलॉन के खाते में बड़ा बिजनेस जोड़ेगी.
DevCo मॉडल, एक्सपोर्ट और 25 GW का रीपावरिंग खेल
कंपनी के पास भविष्य की ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए तीन बड़े इंजन तैयार हैं. पहला, कंपनी का नया DevCo मॉडल, जिसके तहत महज चार महीनों में 600 MW से अधिक के ऑर्डर हासिल हुए हैं. दूसरा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात की नई संभावनाएं. तीसरा सबसे बड़ा गेमचेंजर रीपावरिंग है. देश में 10 से 20 साल पुरानी टर्बाइनों को आधुनिक तकनीक से बदला जाना है. इससे सुजलॉन को चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसके बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए जिम्मेदार नहीं होगा.)
About the Authorरुली बिश्नोई
रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी Hindi (hindi..com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
October 13, 2026, 15:55 IST



