What is the history of Devraha Baba: 900 साल के देवरहा बाबा पानी पर चलते थे, नेताओं की लगती थी भीड़, सिद्ध योगी पर अब बनेगी ‘मचान’ फिल्म

Last Updated:October 13, 2026, 17:17 IST
हनुमान अंश की सफलता के बाद से मेकर्स ये समझ गए हैं कि संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की कहानियों में दर्शकों की रुचि है. अब एक और रहस्यमयी बाबा के जीवन पर फिल्म आने वाली है जिसका नाम है मचान बाबा. जिसका मेकर्स ने पोस्टर भी जारी कर दिया है.
नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश ने दुनियाभर में सफलता हासिल की. फिल्म महज 2 करोड़ के बजट में बनी और दुनियाभर में 400 से अधिक करोड़ रुपये कमाने में सफल हुई. अध्यात्मिक बाबा पर ये फिल्म ब्लॉकबस्टर हुई और अब एक और रहस्यमयी बाबा के जीवन पर फिल्म आने वाली है जिसका नाम है मचान बाबा. जिसका मेकर्स ने पोस्टर भी जारी कर दिया है.
हनुमान अंश की सफलता के बाद से मेकर्स ये समझ गए हैं कि संतों और आध्यात्मिक गुरुओं की कहानियों में दर्शकों की रुचि है. जिनके चमत्कारों और किस्सों को वह बेकरारी से जानना समझना चाहते हैं. इसी गणित को समझने के बाद ‘मचान बाबा’ फिल्म का रास्ता भी बनता दिख रहा है.
देवरहा बाबा पर बनेगी फिल्म
‘मचान बाबा’ की कहानी सबसे रहस्यमयी संतों में से एक माने जाने वाले देवरहा बाबा पर आधारित होगी. जिसे ब्रिटेन की कारोबारी पूनम गुप्ता OBE और अमेरिका के रहने वाले विकल्प पालीवाल प्रोड्यूस करने वाले हैं. खुद पूनम गुप्ता ने ही इस फिल्म की जानकारी इंस्टाग्राम पर शेयर की है. फिल्म का नाम है ‘मचान बाबा द टाइमलेस सागा ऑफ देवराहा सरकार’.
कब आएगी ‘मचान बाबा’
‘मचान बाबा’ के बारे में मेकर्स ने बताया कि फिल्म पर कामकाज शुरू हो चुका है. फिल्म 2027 तक सिनेमाघरों में पहुंचेगी. अभी मेकर्स ने इसकी कास्टिंग और डायरेक्टर से जुड़ी ज्यादा डिटेल शेयर नहीं की है.
कौन थे देवरहा बाबादेवरहा बाबा का कनेक्शन देवरिया से है. वह सिद्ध योगी थे. कहते हैं कि वह लोगों की मन की बात जान लेते थे और पानी पर चलते थे. उनके अनुयायियों में खेल जगत, राजनीतिक जगत से लेकर मनोरंजन जगत के लोग शामिल थे.
कहां है देवरहा बाबा का आश्रमदेवरिया जिले से करीब 40 किलोमीटर दूर सरयू नदी के पास देवरहा बाबा का आश्रम पड़ता है. ये ठीक मईल गांव में है. जॉर्ज पंचम, जवाहरलाल नेहरु, डॉ राजेंद्र प्रसाद, वीर बहादुर सिंह जगन्नाथ से लेकर तमाम राजनेता बाबा के दर्शन के लिए आया करते थे.
इंदिरा गांधी की सबसे बड़ी मदद की थी बाबा नेइंदिरा गांधी पर भी देवरहा बाबा का हाथ रहा था. जब इमरजेंसी के बाद 1977 में कांग्रेस पार्टी की बुरी तरह पराजय हुई थी तो इंदिरा गांधी को बुरी तरह झटका लगा था. वह खुद को संभालने और आगे की राह जानने के लिए बाबा के आश्रम दर्शन के लिए पहुंची थी. कहते हैं कि जब इंदिरा गांधी बाबा से आशीर्वाद लेकर पहुंची तो उन्होंने तभी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिन्ह उन्होंने बदलकर हाथ का पंजा कर दिया था. आगे चलकर उन्हें चुनावों में जबरदस्त जीत भी मिली थी.
देवरहा बाबा के चमत्कार के किस्सेदेवरहा बाबा के भक्त दावा करते हैं कि वह 900 साल के थे. वह पानी पर चलते थे और मन की बातों को समझते थे. वह पशु पक्षी जीव जंतुओं को भी समझते थे. कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में कभी अन्न नहीं कहा. हमेशा शहद और फल पर ही रहे. अंतिम दिनों में वह वृंदावन चले गए और वहीं उन्होंने साल 1990 में समाधि ले ली.
About the AuthorVarshaSenior Sub Editor
वर्षा पिछले 9 सालों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में सक्रिय हैं. वह वर्तमान में हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। बॉलीवुड की चमक-दमक से लेकर ओटीटी की नई दुनिया और टीवी इंडस्ट्री की हलचल तक, …
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