IIT जोधपुर का नया शोध, रोबोट करेगा सोनोग्राफी में मदद, AI पकड़ेगा पसलियों का फ्रैक्चर

Last Updated:October 16, 2026, 12:25 IST
IIT Jodhpur AI Research: आईआईटी जोधपुर की मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की मदद से चिकित्सा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए तीन तकनीकों पर शोध किया जा रहा है. इनमें दिल की सोनोग्राफी के दौरान रोबोट की मदद से अल्ट्रासाउंड प्रोब को सही जगह रखने, सीटी स्कैन से पसलियों के फ्रैक्चर की पहचान करने और मेडिकल विद्यार्थियों को कम्प्यूटर पर सर्जरी का अभ्यास कराने जैसी तकनीकें शामिल हैं. इन शोध परियोजनाओं का नेतृत्व आईआईटी जोधपुर के कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक मिश्रा कर रहे हैं. इन तकनीकों का उद्देश्य मेडिकल जांच की सटीकता बढ़ाना, रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाला समय कम करना और विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण देना है.
जोधपुर. मेडिकल जांच से लेकर सर्जरी की ट्रेनिंग तक का तरीका अब बदलने वाला है. अब एआई और रोबोटिक्स के जरिए ट्रेनिंग देने की योजना पर काम चल रहा है. आईआईटी जोधपुर की मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब में तीन तकनीकों पर शोध चल रहा है. रोबोट दिल की सोनोग्राफी में प्रोब सही जगह रखने में मदद करेगा. वहीं एआई स्कैन से पसलियों के फ्रैक्चर की पहचान करेगा और मेडिकल के छात्र कम्प्यूटर पर सर्जरी की प्रक्रियाओं का अभ्यास कर सकेंगे.
इन तकनीकों के माध्यम से मेडिकल जांच को अधिक सटीक बनाने, रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाला समय कम करने और चिकित्सा विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है. इन शोध परियोजनाओं का नेतृत्व आईआईटी जोधपुर के कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक मिश्रा कर रहे हैं.
रोबोट सही जगह रखेगा अल्ट्रासाउंड प्रॉब
दिल की अल्ट्रासाउंड जांच यानी इकोकार्डियोग्राफी के दौरान स्पष्ट तस्वीर प्राप्त करने के लिए प्रॉब को सही दिशा और स्थान पर रखना जरूरी होता है. इस प्रक्रिया में जांच करने वाले व्यक्ति के अनुभव की अहम भूमिका रहती है. आईआईटी जोधपुर में ऐसी रोबोटिक प्रणाली विकसित करने पर काम हो रहा है, जिसमें रोबोट प्रॉब को संभालेगा, जबकि एआई उसे सही स्थान पर रखने में मार्गदर्शन करेगा. इससे जांच की तस्वीरों की गुणवत्ता बेहतर बनाने और अलग-अलग जांचों में एकरूपता लाने में मदद मिल सकती है.
एआई स्कैन से पसलियों के फ्रैक्चर की पहचान
मेडिकल एआई सिस्टम्स लैब में मेडिकल इमेजिंग के विश्लेषण पर भी शोध किया जा रहा है. इसके तहत सीटी स्कैन, एमआरआई और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों की तस्वीरों का कम्प्यूटर की मदद से विश्लेषण करने की तकनीक विकसित की जा रही है. एजेंटिक एआई के जरिये पसलियों में होने वाले फ्रैक्चर की जगह, प्रकार और विशेषताओं की पहचान करने पर काम किया जा रहा है. इस तकनीक से चिकित्सकों को जांच के परिणाम समझने और इलाज से जुड़े निर्णय लेने में सहायता मिल सकती है.
कम्प्यूटर पर सर्जरी की प्रक्रियाएं सीखेंगे मेडिकल स्टूडेंट
शोध की तीसरी दिशा मेडिकल स्टूडेंट्स और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण से जुड़ी है. इसके लिए सिमुलेटर और सर्जरी के वीडियो तैयार करने व उनका विश्लेषण करने वाले टूल विकसित किए जा रहे हैं. विद्यार्थी कम्प्यूटर पर अभ्यास करते हुए अपने इनपुट और निर्देशों के आधार पर चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में बदलाव कर सकेंगे और उनके संभावित प्रभावों को समझ पाएंगे. हालांकि, इन तकनीकों को अस्पतालों में नियमित रूप से इस्तेमाल करने से पहले उनका चिकित्सकीय परीक्षण और सत्यापन जरूरी होगा.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
October 16, 2026, 12:25 IST



