5 महीने पहले 5 प्रसूताओं की मौत, अब कोटा में फिर दो महिलाओं की किडनी प्रभावित, आखिर वजह क्या है?

कोटा. राजस्थान के कोटा में प्रसव के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के दो नए मामले सामने आए हैं. न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद दो प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है. इनमें रेशमा नाम की महिला की हालत बिगड़ने के बाद परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में शिफ्ट कराया, जहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है. वहीं, दूसरी प्रसूता अनीता को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थित आईसीयू में भर्ती किया गया है. इन घटनाओं ने अस्पताल में प्रसव के बाद मरीजों की निगरानी और उपचार को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि करीब पांच महीने पहले इसी अस्पताल में सिजेरियन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामले सामने आए थे. उस दौरान पांच महिलाओं की मौत हो गई थी. अब दो नए मामले सामने आने के बाद पहले की घटनाओं की जांच और उनसे जुड़े कारणों को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, मौजूदा मामलों में किडनी प्रभावित होने की वजह क्या रही, यह जांच और चिकित्सकीय आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
सिजेरियन के बाद बिगड़ी रेशमा की तबीयत
बताया जा रहा है कि रेशमा का बुधवार को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था. ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. स्थिति को देखते हुए परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. प्रसव के बाद अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने और किडनी प्रभावित होने की जानकारी से परिजन चिंतित हैं. फिलहाल रेशमा का ताजा हेल्थ अपडेट सामने आना बाकी है.
दूसरी प्रसूता अनीता सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती
इसी मामले में दूसरी प्रसूता अनीता को भी सिजेरियन के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई. उसे न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक स्थित आईसीयू में शिफ्ट किया गया है. दोनों महिलाओं के मामलों में किडनी प्रभावित होने की बात सामने आई है, लेकिन इसके पीछे के कारणों को लेकर अभी किसी प्रकार की ठोस जानकारी नहीं आई है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की हालत बिगड़ने की वजह क्या थी.
पांच महीने पहले 12 प्रसूताओं की किडनी हुई थी फेल
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इससे पहले भी सिजेरियन के बाद प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामले सामने आए थे. करीब पांच महीने पहले ऐसे 12 मामले सामने आए थे, जिनमें पांच महिलाओं की मौत हो गई थी. इन घटनाओं ने अस्पताल की उपचार व्यवस्था और प्रसव के बाद मरीजों की निगरानी को लेकर गंभीर चिंता पैदा की थी. अब दो और प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने की जानकारी सामने आने के बाद पुराने मामले फिर चर्चा में हैं.
पुराने मामलों के कारणों पर भी उठ रहे सवाल
पहले सामने आए मामलों के बाद जांच की जरूरत महसूस की गई थी, लेकिन उन घटनाओं के कारणों को लेकर स्थिति अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है. नए मामले सामने आने के बाद प्रसूताओं की हालत बिगड़ने के पीछे क्या चिकित्सकीय वजह रही और क्या दोनों घटनाओं में कोई समान कारण है. फिलहाल किसी दवा, संक्रमण या ऑपरेशन से जुड़ी जटिलता को जिम्मेदार ठहराने के लिए पर्याप्त जानकारी सामने नहीं आई है. दोनों प्रसूताओं का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है.



