दिवाली पर मटर-पनीर खाने से पहले सावधान; कहीं स्वाद के चक्कर में सेहत से न कर बैठें खिलवाड़

जयपुर. दिवाली पर घरों में मटर-पनीर से लेकर मिठाइयों तक की मांग बढ़ जाती है. मेहमानों के स्वागत और त्योहार की दावत के लिए लोग बाजार से पनीर, जलेबी, मिल्क केक और दूसरी मिठाइयां खरीदते हैं. लेकिन इस बार बाजार से खाद्य सामग्री खरीदते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है. राजस्थान में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान जयपुर में 520 किलो पनीर नष्ट करवाया गया, जबकि कोटपूतली-बहरोड़ में 60 किलो जलेबी, 50 किलो चाशनी और 25 किलो हरी मटर नष्ट करवाई गई. ऐसे में सवाल उठता है कि दिवाली की थाली में सजने वाला मटर-पनीर और मिठाइयां खरीदते समय आखिर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
खाद्य सुरक्षा विभाग ने ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत दिवाली से पहले जयपुर और आसपास के इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज कर दी है. विभाग के केंद्रीय दल ने राजापार्क स्थित हरियाणा डेयरी के दो प्रतिष्ठानों और विवेकानंद कॉलोनी स्थित गोदाम का निरीक्षण किया. इस दौरान 520 किलो पनीर मौके पर नष्ट करवाया गया और पनीर के दो नमूने जांच के लिए लिए गए.
कई होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के नाम सामनेविभाग के मुताबिक, विवेकानंद कॉलोनी स्थित गोदाम में खाद्य लाइसेंस नहीं मिला. इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. पनीर की आपूर्ति से जुड़े बिल और दस्तावेज भी जांचे जाएंगे. इस सिलसिले में कई होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए हैं. विभाग यह पता लगाएगा कि पनीर कहां से आया और किन प्रतिष्ठानों तक इसकी आपूर्ति की गई. इससे पहले लेमन ट्री होटल से ‘मलाईको’ ब्रांड और गीतांजलि अस्पताल की कैंटीन से ‘मक्खन’ ब्रांड के पनीर के नमूने लिए गए थे. प्रयोगशाला जांच में दोनों नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए थे.
हरी मटर में रंग की शिकायत, सब्जी मंडी में जांच
कोटपूतली-बहरोड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हरी मटर में रंग के इस्तेमाल की शिकायत मिलने के बाद सब्जी मंडी में जांच की. टीम ने मिठाई की दुकानों का भी निरीक्षण किया. कार्रवाई के दौरान 60 किलो जलेबी, 50 किलो चाशनी और 25 किलो हरी मटर नष्ट करवाई गई. बाबू मिष्ठान भंडार से मिल्क केक और गोपी कचौरी से कचौरी व जलेबी के नमूने लिए गए. खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी कमियां मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए. नमूनों को जांच के लिए जयपुर की प्रयोगशाला भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी.
मिठाई, ब्रेड, नमकीन और ड्राई फ्रूट्स भी जांच के दायरे मेंजयपुर में कार्रवाई केवल पनीर तक सीमित नहीं रही. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मिठाई, ब्रेड, मिश्री, नमकीन, दूध और ड्राई फ्रूट्स से जुड़े प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया. बसी के हीरावाला औद्योगिक क्षेत्र स्थित त्रिशूल एंटरप्राइजेज में साफ-सफाई की कमी मिली. कर्मचारियों के कैप और एप्रन नहीं पहनने के साथ उनकी मेडिकल फिटनेस और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की जांच नहीं करवाए जाने की कमियां भी सामने आईं. यहां से मिश्री का नमूना लिया गया और कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए. रामेश्वर बूरा उद्योग से मिश्री, तुलसी फूड्स से व्हाइट ब्रेड और बॉम्बे पाव ब्रेड तथा के.सी. एंड ब्रदर्स से नमकीन भुजिया और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने लिए गए. वहीं, झोटवाड़ा स्थित रॉ लॉ ड्राई फ्रूट्स से डिहाइड्रेटेड ड्राई फ्रूट्स, नारियल पाउडर, बादाम और पिस्ता के नमूने लिए गए. बालाजी दूध पनीर भंडार से दूध, मिल्क केक और पनीर तथा बालाजी मिष्ठान भंडार से मावा मिठाई का नमूना लिया गया.
दिवाली पर मटर-पनीर खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
खाद्य विभाग की इन कार्रवाइयों के बीच जरूरी है कि त्योहार पर खाद्य सामग्री खरीदते समय लोग कुछ सावधानियां बरतें.
पनीर खरीदते समय साफ-सफाई और सही तरीके से ठंडा रखने की व्यवस्था पर ध्यान दें.
खुला या बिना उचित भंडारण के रखा पनीर खरीदने से बचें.
हरी मटर का रंग असामान्य लगे या उस पर किसी तरह की संदिग्ध परत दिखाई दे तो उसे न खरीदें.
मिठाई और नमकीन साफ-सुथरी जगह से खरीदें. पैक्ड सामान पर निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख जरूर देखें.
खाद्य पदार्थों की गंध, रंग या बनावट असामान्य लगे तो उसे खाने से बचें.
रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाईखाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को साफ-सफाई, सुरक्षित पानी, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस, उचित भंडारण और वैध खाद्य लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. जांच के लिए लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. दिवाली खुशियों और स्वाद का त्योहार है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही खाने की गुणवत्ता को लेकर परेशानी बढ़ा सकती है. इसलिए मटर-पनीर, मिठाई या दूसरी खाद्य सामग्री खरीदते समय सिर्फ कीमत और स्वाद नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण पर भी ध्यान दें.



