who is chinmay suthar 400 runs: कौन हैं चिन्मय सुतार, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी में खेली 400 रन की पारी, क्या है मुंबई से मिजोरम जाने की कहानी

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कौन है चिन्मय सुतार, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी में 400 रन की पारी खेलकर रचा इतिहास
Last Updated:October 19, 2026, 15:44 IST
Chinmay Suthar record 400 innings: चिन्मय सुतार क्रिकेट इतिहास में 400 रन का आंकड़ा पार करने वाले कुल 10वें खिलाड़ी बन गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने उन दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में जगह बना ली है, जिसमें ब्रायन लारा, डॉन ब्रैडमैन जैसे महान नाम शामिल हैं. पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद भी 500 रन के करीब पहुंचे थे, लेकिन महज एक रन से इस आंकड़े से चूक गए. उन्होंने 1959 में कराची की ओर से बहावलपुर के खिलाफ घरेलू टूर्नामेंट में 499 रन बनाए थेरणजी ट्रॉफी में चिनमय सुथार ने 400 रनों की पारी खेलकर रचा इतिहास
नई दिल्ली. मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने सोमवार को सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के मुकाबले में नागालैंड के खिलाफ 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेली. इसके साथ ही वह घरेलू क्रिकेट में चौहरा शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए. उनसे पहले महाराष्ट्र के बीबी निंबालकर ने 1948 में पुणे में नाबाद 443 रन की पारी खेलकर यह कारनामा किया था.
लारा-ब्रैडमैन की लिस्ट में मारी एंट्रीचिन्मय सुतार क्रिकेट इतिहास में 400 रन का आंकड़ा पार करने वाले कुल 10वें खिलाड़ी बन गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने उन दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में जगह बना ली है, जिसमें ब्रायन लारा, डॉन ब्रैडमैन जैसे महान नाम शामिल हैं. पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद भी 500 रन के करीब पहुंचे थे, लेकिन महज एक रन से इस आंकड़े से चूक गए. उन्होंने 1959 में कराची की ओर से बहावलपुर के खिलाफ घरेलू टूर्नामेंट में 499 रन बनाए थे.
कौन है चिन्मय सुतार?
29 साल के चिन्मय सुतार का का क्रिकेटिंग करियर कापी उतार चढ़ाव भरा रहा. मुंबई के लिए शुरुआती दौर में टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करने वाले चिन्मय ने अंडर-23 में मुंबई की कप्तानी भी की है. मुंबई प्रीमियर लीग में चिन्मय ऑरेंज कैप भी जीत चुके है. चिन्मय मुंबई के लिए सीमित ओवरों का मैच खेल चुके थे, लेकिन उन्हें फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेलने का निरंतर मौका नहीं मिल पा रहा था. इसी कारण उन्होंने 2026-27 सीजन से पहले मिजोरम क्रिकेट टीम का रुख किया, जहाँ वे बतौर ‘गेस्ट प्लेयर’ के रूप में शामिल हुए. ये फैसला सही साबित हुआ और उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. मिजोरम की तरफ से खेलते हुए उन्होंने अपने करियर के दूसरे ही फर्स्ट-क्लास मैच में नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन ठोककर इतिहास रच दिया.वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में चौहरा शतक लगाने वाले केवल दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं . उनसे पहले 1948 में बीबी निंबाळकर ने 443* रन बनाए थे.
मुंबई से मिजोरम तक का सफर चिन्मय सुतार ने अपने डेब्यू मैच में 99 रन बनाए थे, लेकिन रन आउट होकर शतक से चूक गए थे. मिजोरम की टीम से खेलने से पहले वह मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं. उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई का प्रतिनिधित्व किया था. नागालैंड के खिलाफ इस ऐतिहासिक पारी में सुतार ने 46 चौके और 7 छक्के लगाए. जब आखिरी बल्लेबाज लालरेम्पुइया क्रीज पर उतरे, तब सुथार 231 रन पर खेल रहे थे. इसके बाद उन्होंने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 517 गेंदों पर नाबाद 400 रन पूरे किए. सुतार की इस शानदार पारी की बदौलत मिजोरम ने 9 विकेट पर 581 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी और 19 अक्टूबर की तारीख को यादगार बना दिया.
About the AuthorRajeev MishraAssociate editor
राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 19, 2026, 15:44 IST



