Sports

वैभव सूर्यवंशी को नंबर 3 पर उतारने पर भड़के मुरली कार्तिक, बोले- ओपनर को गलत रोल देना सही नहीं

Last Updated:October 25, 2026, 20:23 IST

Murali Kartik Angrily: भारतीय टी20 टीम में वापसी पर युवा वैभव सूर्यवंशी के नंबर 3 पर असफल होने पर पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक ने चयन पर सवाल उठाए हैं. कार्तिक का कहना है कि 15 साल के सूर्यवंशी नैसर्गिक ओपनर हैं और उन्हें उनकी स्वाभाविक भूमिका की बजाय बीच के ओवरों में उतारना सही नहीं था. भारत ने मैच जीत लिया, लेकिन कार्तिक के अनुसार अनुभवी खिलाड़ियों को अपनी पोजीशन बदलकर युवाओं को मौका देना चाहिए था. इस नाकामी से सूर्यवंशी कोच गौतम गंभीर की उम्मीदों पर खरा उतरने से चूक गए.Amazon Prime DayTop Deals Insideओपनर को गलत रोल देना सही नहीं, मुरली कार्तिक भड़के Zoomवैभव सूर्यवंशी को दूसरे टी20 में इशान क‍िशन की जगह तीसरे नंबर पर उतारा गया. (AP)

नई द‍िल्‍ली. क्रिकेट के मैदान पर अक्सर ऐसा देखा जाता है कि जीत मिलने के बाद भी टीम प्रबंधन की कुछ रणनीतियों पर बहस छिड़ जाती है. कुछ ऐसा ही नजारा भारत और विरोधी टीम के बीच खेले गए रोमांचक टी20 मुकाबले के बाद देखने को मिला.भारतीय टीम ने इस मैच में एक बेहद रोमांचक जीत दर्ज की, लेकिन इसके बावजूद वैभव सूर्यवंशी के बल्लेबाजी क्रम को लेकर पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं. कार्तिक का मानना है कि इतनी कम उम्र के खिलाड़ी को उसकी स्वाभाविक भूमिका से दूर रखना उसके साथ न्याय नहीं है.

चोटिल इशान किशन (Ishan Kishan) की गैरमौजूदगी के कारण टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने का मौका मिला. इस मौके का फायदा उठाते हुए 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में खेलने का अवसर दिया गया. एशियाई खेलों के फाइनल के बाद यह पहला मौका था जब सूर्यवंशी को भारतीय जर्सी में मैदान पर उतरने का अवसर मिला था. मैच में भारत के सामने 181 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था. रन का पीछा करने उतरी भारतीय पारी के सातवें ओवर में सूर्यवंशी आउट होकर पवेलियन लौट गए. वह अपनी इस वापसी को यादगार नहीं बना सके और मात्र 8 गेंदों पर केवल 4 रन ही बना पाए.

शुरुआती झटकों से मुश्किल में पड़ी टीमसूर्यवंशी का विकेट गिरना भारत के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ. पारी के शुरुआती 10 ओवरों के भीतर ही भारत ने अपने 3 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे, जिससे टीम पर भारी दबाव आ गया था. हालांकि, मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ और आक्रामक रुख अपनाते हुए पारी को संभाला. तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा और मात्र 26 गेंदों में नाबाद 51 रनों की शानदार पारी खेली.उनका साथ देते हुए नमन धीर ने 17 गेंदों में 31 रन बनाए, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अंत में हाथ दिखाते हुए मात्र 13 गेंदों में नाबाद 26 रनों की विस्फोटक पारी खेली. इन उपयोगी पारियों की बदौलत भारत ने आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला एक गेंद शेष रहते अपने नाम कर लिया.

मुरली कार्तिक ने उठाए बल्लेबाजी क्रम पर सवालभले ही मैच का परिणाम भारत के पक्ष में रहा हो, लेकिन पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक (Murali Kartik) इस बात से बिल्कुल संतुष्ट नहीं दिखे कि सूर्यवंशी को किस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था. मैच के बाद चर्चा करते हुए कार्तिक ने खुलकर अपनी राय रखी. कार्तिक ने कहा, ‘वैभव सूर्यवंशी आखिर किस भूमिका में सबसे अच्छे हैं? वह एक ओपनर के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन करते आए हैं. उन्होंने कभी बीच के ओवरों में ज्यादा बल्लेबाजी नहीं की है. वह अभी बहुत छोटे बच्चे हैं और उन्होंने अब तक केवल एक ही तरीके से बल्लेबाजी की है. इसीलिए टीम में अनुभवी खिलाड़ियों को रखा जाता है, ताकि वे अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें. यह एक अलग बात है कि आपने मैच जीत लिया, लेकिन अगर आप सूर्यवंशी को खिला रहे थे, तो उन्हें आज पारी की शुरुआत (ओपनिंग) करनी चाहिए थी.’

अनुभवी खिलाड़ियों को उठानी चाहिए जिम्मेदारीमुरली कार्तिक का तर्क था कि भारत के पास पर्याप्त अनुभव है और सीनियर खिलाड़ियों को युवा प्रतिभाओं को सपोर्ट करने के लिए अपनी पोजीशन बदलने से नहीं हिचकिचाना चाहिए. उन्होंने संजू सैमसन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो टीम की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग नंबरों पर बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं. कार्तिक के अनुसार, संजू एक स्थापित विकल्प हैं जो टीम की आवश्यकताओं के अनुकूल खुद को ढाल सकते हैं. यदि टीम प्रबंधन ने प्लेइंग इलेवन में सूर्यवंशी को शामिल करने का फैसला किया ही था, तो उन्हें उस स्थान पर मौका मिलना चाहिए था जिसके वे आदी हैं, न कि किसी ऐसी भूमिका में जहां उन्हें असहज होना पड़े.

शिवम दुबे को मिल सकता था मौकाअपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कार्तिक ने यह भी सुझाव दिया कि अगर टीम प्रबंधन सूर्यवंशी को नहीं चुनता, तो उनके विकल्प बिल्कुल अलग होते। ऐसी स्थिति में मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए ऑलराउंडर शिवम दुबे को टीम में जगह दी जा सकती थी, जो मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं. कार्तिक ने माना कि अगर मध्यक्रम में ही बल्लेबाज उतारना था, तो सूर्यवंशी की जगह किसी और शैली के खिलाड़ी को आजमाया जाना चाहिए था.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

और पढ़ेंLocation :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

October 25, 2026, 20:23 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj