Kochi Judge Son Mercedes Son Crash। Kochi Mercedes Crash। जज के बेटे ने मर्सिडीज से ली जान, मिलॉर्ड पर थाने में हेकड़ी दिखाने का आरोप

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जज के बेटे ने मर्सिडीज से ली जान, मिलॉर्ड पर थाने में हेकड़ी दिखाने का आरोप
Last Updated:October 25, 2026, 23:57 IST
कोच्चि के चेरानेल्लूर में एक खौफनाक सड़क हादसा सामने आया है. यहां देर रात अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार मर्सिडीज-बेंज कार से 54 वर्षीय स्कूटर सवार जयबालकृष्णन को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन जूवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उसे जमानत मिल गई. गृह मंत्री ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है.पुलिस मामले की जांच कर रही है. (PTI)
नई दिल्ली. 54 साल के जयबालकृष्णन अपनी छोटी सी दुकान बंद करके, दिनभर की थकान समेटे स्कूटर से घर लौट रहे थे. उन्हें क्या पता था कि पीछे से आ रही एक चमचमाती मर्सिडीज उनकी आखिरी मंजिल बन जाएगी. गाड़ी की स्पीड इतनी अनकंट्रोल्ड थी कि टक्कर होते ही स्कूटर के परखच्चे उड़ गए. और इस जानलेवा राइड के व्हील पर कौन था? कोई मैच्योर ड्राइवर नहीं बल्कि एक जज साहब का 17 साल का बेटा. बिना लाइसेंस, बिना सेंस आधी रात का यह थ्रिल एक झटके में किसी की जिंदगी का फुल स्टॉप बन गया.
कानून का चक्कर और वीआईपी ट्रीटमेंट का गुस्सा चौंकाने वाली बात यह है कि इस मर्सिडीज को कोई बड़ा या तजुर्बेकार ड्राइवर नहीं बल्कि एक जज साहब का 17 साल का नाबालिग बेटा चला रहा था. हादसे के बाद स्कूटर के परखच्चे उड़ गए और सामान सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गया, जिससे साफ पता चलता है कि कार की स्पीड कितनी खतरनाक रही होगी. हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मौत) के तहत केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन नाबालिग होने की वजह से जूवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उसे तुरंत जमानत भी मिल गई. पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाने में जब उन्होंने जज साहब से पूछा कि नाबालिग को गाड़ी क्यों दी, तो उल्टे उन्हें ही बुरा बर्ताव सहना पड़ा. परिवार अब इंसाफ की जंग लड़ने के मूड में है.
नो पावर, नो प्रिविलेज: गृह मंत्री का कड़ा संदेशमामला गरमाते ही केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने साफ कर दिया कि कानून के आगे सब बराबर हैं. उन्होंने कहा कि सड़क पर गाड़ी से कुचलकर मारना किसी मर्डर से कम नहीं है. चाहे कोई कितना भी पावरफुल क्यों न हो, किसी को बख्शा नहीं जाएगा. अब देखना यह है कि क्या कार के असली मालिक यानी जज साहब पर भी गाज गिरेगी या मामला फाइलों में दब जाएगा.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
October 25, 2026, 23:57 IST



