Keoladeo National Park: लंबे समय बाद केवलादेव में बढ़े सारस, 22 की बढ़ोतरी से खिले पक्षी प्रेमियों के चेहरे

Last Updated:October 28, 2026, 13:53 IST
Keoladeo National Park: भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में लंबे समय बाद सारसों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस बार करीब 22 सारस बढ़ने से पक्षी प्रेमियों में खुशी है. जानिए, सारसों की संख्या बढ़ने के पीछे क्या हैं संभावित कारण और क्यों जरूरी है इनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण.
भरतपुर. विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है, यहां लंबे समय बाद सारसों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस बार पार्क में करीब 22 सारस बढ़ने से वन्यजीव प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं. सारसों की संख्या में हुई इस वृद्धि को पार्क की पर्यावरणीय परिस्थितियों के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. वन्यजीव प्रेमी और नेचर गाइड केपी लवानिया ने जानकारी देते हुए बताया कि केवलादेव नेशनल पार्क देश-विदेश में अपनी समृद्ध जैव विविधता और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है. हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक और पक्षी प्रेमी यहां पहुंचते हैं. पार्क में अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण में देखना पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहता है.
ऐसे में सारसों की संख्या में बढ़ोतरी ने पार्क के प्राकृतिक महत्व को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. स्थानीय स्तर पर सारसों की संख्या बढ़ने के पीछे स्वच्छ वातावरण और पानी की उपलब्धता को प्रमुख कारण माना जा रहा है. पक्षियों के अनुकूल प्राकृतिक परिस्थितियां उनके रहने भोजन तलाशने और प्रजनन के लिए महत्वपूर्ण होती हैं. पर्याप्त जलभराव और अनुकूल आवास मिलने से पक्षियों को बेहतर वातावरण मिल सकता है. सारस को अपनी लंबी कद-काठी और आकर्षक रूप के लिए पहचाना जाता है. यह पक्षी आर्द्रभूमि और खुले घास वाले क्षेत्रों में रहना पसंद करता है. ऐसे प्राकृतिक क्षेत्रों का संरक्षण सारस सहित कई अन्य पक्षी प्रजातियों के अस्तित्व के लिए जरूरी है.
केवलादेव जैसे महत्वपूर्ण पक्षी विहार में सारसों की संख्या बढ़ना जैव विविधता संरक्षण की दिशा में उत्साहजनक संकेत है. पार्क में पक्षियों की मौजूदगी और उनकी संख्या में होने वाले बदलाव पर्यावरण की स्थिति को समझने में भी मदद करते हैं. ऐसे में जल स्रोतों को सुरक्षित रखना, प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना और प्रदूषण पर नियंत्रण बनाए रखना बेहद जरूरी है. केवलादेव नेशनल पार्क में करीब 22 सारसों की बढ़ोतरी ने वन्यजीव प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. अब पार्क में पक्षियों के अनुकूल परिस्थितियों को बनाए रखना और जैव विविधता का संरक्षण करना महत्वपूर्ण होगा ताकि आने वाले समय में भी यहां पक्षियों का कुनबा लगातार बढ़ता रहे और यह पर और अधिक पर्यटक घूमने के लिए आ सके.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 28, 2026, 13:53 IST



