गाइड सिर्फ 5 मिनट के लिए हटा और वो 1500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, 6814 मीटर ऊंची चोटी फतह कर लौट रहा था

काठमांडू: नेपाल के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित हिमालय की मशहूर अमा डबलाम चोटी पर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. 57 साल के जर्मन पर्वतारोही वोल्फगैंग वास्चिजेक 6,814 मीटर ऊंची दुर्गम चोटी फतह करने के बाद जब नीचे लौट रहे थे, तभी वह करीब 1,500 मीटर गहरी खाई में गिर गए. यह भयानक हादसा कैंप-3 के पास हुआ, जहां वह अपने शेरपा गाइड के साथ रात बिताने के बाद सुबह आगे की यात्रा की तैयारी कर रहे थे. गाइड के महज कुछ ही मिनटों के लिए दूर जाने के दौरान वोल्फगैंग अचानक बर्फीली ढलान से सीधे नीचे फिसल गए. उनके पैरों में उस वक्त बर्फ पर पकड़ बनाने वाले खास क्रैम्पन भी मौजूद नहीं थे. खोज दल ने हेलिकॉप्टर के जरिए कैंप से लगभग दो किलोमीटर नीचे उनका शव बरामद किया है. इस ऑटम सीजन में अमा डबलाम पर्वत पर यह पहली मौत दर्ज की गई है.
महज 5 मिनट की दूरी ने छीन ली विदेशी पर्वतारोही की जिंदगी
ट्रेकिंग कंपनी स्नोवी होराइजन के मैनेजिंग डायरेक्टर बोधराज भंडारी ने बताया कि रविवार को वोल्फगैंग और उनके गाइड सोनाम लामा ने सफलतापूर्वक चोटी पर तिरंगा फहराया था. शिखर छूने की खुशी के बाद दोनों उसी शाम सुरक्षित तरीके से कैंप-3 पर लौट आए थे. दोनों ने दूसरे पर्वतारोहियों से स्लीपिंग बैग और दूसरा सामान उधार लेकर रात वहीं बिताने का फैसला किया.
अगली सुबह करीब 8 बजे दोनों नीचे उतरने की तैयारी कर रहे थे. गाइड सोनाम लामा ने वोल्फगैंग को सेफ्टी गियर के साथ वहीं रुकने के लिए कहा. इसके बाद लामा उधार लिया हुआ स्लीपिंग बैग वापस करने चले गए. भंडारी ने बताया, ‘लामा जब 5 मिनट से भी कम समय में वापस लौटे, तो वोल्फगैंग उस जगह पर मौजूद नहीं थे.’ इतनी कम देर में उनका अचानक गायब हो जाना गाइड के लिए बेहद हैरान करने वाला था.
बर्फ की ढलान पर बिना क्रैम्पन के रुकना जानलेवा साबित हुआ
घटना के तुरंत बाद गाइड ने बेस कैंप और रेस्क्यू टीम को अलर्ट भेजा. जांच में सामने आया कि जब वोल्फगैंग ढलान पर खड़े थे, तब उन्होंने जूतों में क्रैम्पन नहीं पहने थे. हिमालय की खड़ी ढलानों पर जमी सख्त बर्फ पर बिना क्रैम्पन के पैर टिकाना नामुमकिन जैसा होता है. आशंका है कि संतुलन बिगड़ने या पैर फिसलने से वह सीधे 1,700 मीटर नीचे गिरते चले गए.
रियल हिमालय कंपनी के प्रमुख गोकुल थापा ने बताया कि वोल्फगैंग को आखिरी बार कैंप-3 पर जिंदा देखा गया था. इसके बाद उनका शव करीब 4,500 मीटर की ऊंचाई पर पत्थरों के बीच मिला. यह कैंप-3 से लगभग 1,700 मीटर का फ्री-फॉल था. रेस्क्यू टीम ने हेलिकॉप्टर की मदद से शव को नीचे उतारा. पोस्टमार्टम के लिए शव को काठमांडू के अस्पताल भेजा गया है.
अमा डबलाम पर्वत पर इस सीजन में क्यों बढ़ रहा है हादसों का खतरा?
माउंट एवरेस्ट के करीब सोलुखुंबु जिले में मौजूद अमा डबलाम पर्वत दुनिया भर के तकनीकी पर्वतारोहियों के बीच बेहद लोकप्रिय है. सितंबर से नवंबर के मौजूदा ऑटम सीजन में 300 से ज्यादा पर्वतारोहियों को इस चोटी पर चढ़ने का परमिट दिया गया है. खड़ी चट्टानों और बर्फीली ढलानों के कारण यह चोटी बेहद खतरनाक मानी जाती है.
यह दुखद घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ ही दिन पहले पश्चिमी नेपाल में दो जापानी पर्वतारोहियों की बर्फीले तूफान में दबने से मौत हो चुकी है. इससे पहले पाकिस्तान के एक पहाड़ पर भी 10 पर्वतारोहियों ने अपनी जान गंवा दी थी. ऊंचे पहाड़ों पर मौसम की अचानक मार और चंद पलों की मानवीय चूक अक्सर जिंदगी पर भारी पड़ जाती है.



