दीवाली पर घर लौटने वालों की बढ़ी रफ्तार, बस स्टैंड पर उमड़ी यात्रियों की भीड़, रोडवेज ने बढ़ाए बसों के फेरे

Last Updated:November 05, 2026, 15:27 IST
Ground Report: दीपावली के नजदीक आते ही जोधपुर के रोडवेज बस स्टैंड और निजी बस अड्डों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए रोडवेज विभाग ने बसों के फेरे बढ़ा दिए हैं.
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जोधपुर। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही अपने घर-परिवार के साथ खुशियां मनाने की तैयारी शुरू हो गई है. इसी के चलते जोधपुर के रोडवेज बस स्टैंड से लेकर निजी बसों के संचालन केंद्रों तक यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. कोई सरकारी बस से अपने गांव जाने की तैयारी में है, तो कोई निजी बस या ट्रेन के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच रहा है. खासकर शाम के समय जोधपुर से दूर-दराज के शहरों के लिए रवाना होने वाली बसों में यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है. बेंगलुरु, पुणे और मुंबई जैसे बड़े शहरों के लिए भी यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है.
हालांकि सरकारी बसों में अतिरिक्त ट्रिप्स के जरिए यात्रियों को राहत देने की कोशिश की जा रही है, वहीं निजी बसों के किराए को लेकर यात्रियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ यात्रियों का कहना है कि निजी बसों में किराया सरकारी बसों की तुलना में अधिक है और कई बार उन्हें गंतव्य से पहले ही उतार दिया जाता है.
मांग के अनुसार बढ़ाए जा रहे बसों के फेरे, नई बसें चलाने की योजना नहींदीपावली पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोडवेज विभाग ने पहले से संचालित बसों के फेरे बढ़ाने का निर्णय लिया है. जोधपुर रोडवेज मुख्य प्रबंधक उमेद सिंह के अनुसार फिलहाल नई बसें संचालित करने की योजना नहीं है, बल्कि जिन बसों के तीन फेरे होते हैं, जरूरत पड़ने पर उन्हें पांच फेरे तक संचालित किया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों से जोधपुर में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में त्योहार मनाने अपने गांवों की ओर रवाना होते हैं. ऐसे में यात्रियों की मांग के अनुसार बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा. गुजरात से जोधपुर आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए गुजरात के मुख्य प्रबंधक से भी बातचीत की गई है. इसके तहत आबू रोड और सिरोही डिपो की बसों को जरूरत के अनुसार अहमदाबाद तक एक्सटेंड कर यात्रियों को लाने की व्यवस्था की जाएगी. विभाग का प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों के जरिए अधिक से अधिक यात्रियों को सुविधा मिल सके.
चेक पोस्ट से लेकर बस स्टैंड तक निगरानी, शाम की बसों में सबसे ज्यादा भीड़रोडवेज विभाग की ओर से यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए चेक पोस्ट स्थापित की गई हैं. इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बस में सफर कर रहे प्रत्येक यात्री का टिकट बना हुआ हो. बस स्टैंड पर तैनात इंस्पेक्टर और मैनेजर को भी निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों की मांग के अनुसार वर्कशॉप से संपर्क कर बसों का मूवमेंट सुनिश्चित किया जाए. मुख्य प्रबंधक उमेद सिंह के अनुसार वर्तमान में लगभग सभी रूटों पर यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है, लेकिन शाम के समय संचालित होने वाली बसों में अधिक दबाव है. पिछले तीन दिनों से टिकट काउंटर लगातार खुले हुए हैं और अजमेर रोड डिपो पर भी यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. विभाग की कोशिश है कि दीपावली पर घर जाने वाले किसी भी यात्री को सीट के अभाव में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
निजी बस संचालकों का दावा- नहीं बढ़ाया किराया, हर आधे घंटे में बसों का संचालननिजी बस संचालकों का कहना है कि दीपावली के त्योहार पर यात्रियों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. यात्रियों की संख्या को देखते हुए हर घंटे और कई रूटों पर आधे-आधे घंटे में बसों का संचालन किया जा रहा है. रामदेवरा, फलोदी, देचू और विशेष रूप से शेरगढ़ रूट पर यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है. किराए को लेकर बस संचालक का दावा है कि इस बार किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है. उनका कहना है कि डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद पिछले करीब कई वर्षों से चला आ रहा सामान्य किराया ही यात्रियों से लिया जा रहा है. संचालकों के अनुसार उनकी प्राथमिकता है कि त्योहार पर यात्रियों को बिना किसी परेशानी के उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए.
बसें फुल, सीटों के लिए मशक्कत, सरकारी बसों को बता रहे बेहतरबसों में सफर कर रहे यात्रियों का कहना है कि दीपावली के चलते इस बार काफी भीड़ है. टिकट उपलब्ध होने के बावजूद बसें पूरी तरह भरी हुई रवाना हो रही हैं. यात्री पियूष परिहार, सीता और श्रेणी देवी सहित अन्य यात्रियों ने बताया कि त्योहार के कारण बसों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक भीड़ है. कुछ यात्रियों का अनुभव है कि सरकारी बसों में सीट मिलने और यात्रा की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर रहती है. वहीं निजी बसों को लेकर यात्रियों ने शिकायत की कि कई बार उन्हें निर्धारित गंतव्य से काफी पहले उतार दिया जाता है. इसके अलावा निजी बसों का किराया भी सरकारी बसों की तुलना में अधिक होने की बात कही. ऐसे में यात्री सुविधा, किराए और समय पर गंतव्य तक पहुंचने को लेकर अपनी-अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार बसों का चयन कर रहे हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
November 05, 2026, 15:27 IST



