एसी-कूलर भी पड़ने लगे बेअसर! श्रीगंगानगर में रिकॉर्ड गर्मी और उमस से बढ़ी बिजली खपत, मौसम ने बढ़ाई चिंता

Last Updated:July 05, 2026, 20:31 IST
Sri Ganganagar Weather News: राजस्थान का सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर रविवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रात का तापमान भी करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी. भीषण धूप और उमस भरे मौसम ने आमजन का जनजीवन प्रभावित कर दिया है. दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई, जबकि घरों और दफ्तरों में भी लोग गर्मी से परेशान नजर आए. लगातार बढ़ते तापमान के कारण कूलर, एसी और पंखों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे बिजली की खपत में भी लगातार इजाफा हो रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है. ऐसे में लोगों को धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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उमस घर भरी गर्मी से जनजीवन प्रभावित, श्रीगंगानगर राजस्थान में सबसे गर्म शहर
श्रीगंगानगर. राजस्थान का सीमावर्ती जिला श्रीगंगानगर इस समय भीषण और रिकॉर्डतोड़ गर्मी की चपेट में है. रविवार को श्रीगंगानगर पूरे प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया. यहाँ सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने आमजन को झुलसा कर रख दिया है. दोपहर के समय आसमान से बरसती आग और हवा में घुली भारी उमस के कारण स्थिति बेहद कष्टदायक हो गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इस झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं.
रविवार को श्रीगंगानगर में दिन का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने इस सीजन के पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए. दिन के साथ-साथ अब रातें भी लोगों को डराने लगी हैं. रात का न्यूनतम तापमान भी 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण सूर्यास्त के बाद भी लोगों को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है. गर्म हवाओं और कंक्रीट के मकानों के तपने से घरों के भीतर भी भट्टी जैसी स्थिति बनी हुई है.
उमस भरी चिपचिपी गर्मी से जनजीवन बेहालइस बार की गर्मी केवल सूखी तपन वाली नहीं, बल्कि अत्यधिक उमस भरी है. हवा में नमी का स्तर बढ़ने से चिपचिपी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. लगातार पड़ रही इस उमस के चलते लोगों का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा है. इस दमघोंटू माहौल ने स्थानीय जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही पूरी तरह से चेहरा ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं.
बाजारों में सन्नाटा, ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ीभीषण गर्मी का सीधा असर श्रीगंगानगर के मुख्य बाजारों और व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है. दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर हो जाती है. वहीं दूसरी ओर, इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए लोग नींबू पानी, गन्ने का रस, लस्सी और छाछ जैसे ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं. फल बाजारों में तरबूज और खरबूजे की मांग में भी भारी उछाल देखा जा रहा है.
कूलर-एसी फेल, बिजली की खपत में भारी उछाललगातार उच्च स्तर पर बने हुए तापमान के कारण घरों और दफ्तरों में लगे कूलर और पंखे भी अब गर्म हवा फेंक रहे हैं. लोग राहत पाने के लिए दिन-रात एयर कंडीशनर (AC) का सहारा ले रहे हैं. कूलर, एसी और रेफ्रिजरेटर के अंधाधुंध और लगातार उपयोग के कारण जिले में बिजली की डिमांड (खपत) ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है. बिजली कंपनियों पर लोड बढ़ने के कारण कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जिससे नागरिकों की परेशानी दोगुनी हो गई है. चिकित्सकों ने इस मौसम में लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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