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Kidney kharab hone ke sanket: किडनी कमजोर होने से पहले नजर आते हैं ये 7 संकेत

Signs of weak kidneys: किडनी मानव शरीर का एक बेहद ही महत्वपूर्ण अंग है, जिसके कई कार्य होते हैं. इसमें सबसे आवश्यक काम है शरीर से टॉक्सिन पदार्थों को बाहर निकालना. खून को फिल्टर करती है. इससे पेशाब के द्वारा शरीर से अनचाहे, गंदे, व्यर्थ पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. किडनी अगर स्वस्थ ना रहे और अपने कार्य सही से ना करे तो आप बीमार पड़ सकते हैं. किडनी में थोड़ी सी भी खराब होने से कई तरह के शरीर में और पेशाब करने के दौरान लक्षण नजर आने लगते हैं. जानिए कमजोर किडनी होने से पहले किस तरह के संकेत देती है, ताकि आप समय रहते उपाय और इलाज करा सकें.

किडनी कमजोर होने से पहले देती है ये संकेत

-किडनी शरीर की सबसे मेहनती अंग है, जो शरीर की सफाई करती है. ये प्रतिदिन खून को फिल्टर करके अनचाहे तत्वों को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है. जब किडनी कमजोर हो जाती है, तो इसके लक्षणों में रात में पेशाब करना, पेशाब का रंग बदलना, यूरिन में झाग आना, शरीर में इंफ्लेमेशन, थकान महसूस करना, मुंह में कड़वाहट, भूख कम लगना, चेहरा पीला पड़ना आदि शामिल हैं. कभी-कभी सांस फूलना, ब्लड प्रेशर हाई होना, कमर के नीचे दर्द रहना भी किडनी पर बढ़ते दबाव के संकेत होते हैं.

-आयुर्वेदिक दृष्टिकोण के अनुसार, किडनी संबंधी समस्याएं त्रिदोष असंतुलन का परिणाम होती हैं. जब वात दोष बढ़ता है, तो मूत्र प्रवाह गड़बड़ हो जाता है. पित्त दोष बढ़ने पर जलन, सूजन या पेशाब में खून आ सकता है. कफ दोष बढ़ने से शरीर में पानी रुकता है, जिससे सूजन या भारीपन महसूस होता है.

-आयुर्वेद में किडनी में होने वाली समस्याओं का इलाज सिर्फ लक्षणों पर नहीं, बल्कि दोषों के संतुलन पर भी केंद्रित होता है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किडनी का काम खून से विषैले तत्व, यूरिया और सोडियम-पोटैशियम का संतुलन बनाए रखना और हार्मोन नियमन करना है. जब इसकी कार्यक्षमता 60 प्रतिशत से नीचे गिर जाती है, तो शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं, जिससे थकान, सूजन और रंग बदलने जैसे लक्षण दिखने लगते हैं.

-किडनी को हेल्दी रखने के लिए आयुर्वेद में कई उपाय बताए गए हैं. आप सुबह उठकर चाय, कॉफी या कुछ और खाने की बजाय सबसे पहले गुनगुना पानी पिएं. रात में सोने से पहले त्रिफला चूर्ण लें, इससे शरीर डिटॉक्स होता है. पुनर्नवा, गोखरू और गिलोय का काढ़ा सप्ताह में 2 से 3 बार पीने से किडनी की कार्यक्षमता बढ़ती है.

-नमक, जंक फूड और पैकेज्ड खाने से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये किडनी पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं. घर का बना खाना खाएं. तनाव कम लें. कुछ योग के आसन करने से भी किडनी हेल्दी रहती है. पवनमुक्तासन, मंडूकासन, भुजंगासन करने से ब्लड का सर्कुलेशन संतुलित रहता है. किडनी को नेचुरली एक्टिव रखते हैं.

-बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड पेय पदार्थ, शुगरी ड्रिंक पीने से परहेज करें. इसकी बजाय घर में बने धनिया पानी, करौंदा पानी और पुनर्नवा रस का जूस पिएं. इससे इंफ्लेमेशन और जलन कम होता है. शरीर को नेचुरल डिटॉक्स प्रदान करते हैं.

– किडनी को हेल्दी रखने के लिए पानी भी पर्याप्त मात्रा में पीना जरूरी है. दर्द होने पर पेनकिलर लेने से बचें. प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन अधिक न करें. प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद जरूर लें.

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