आरोपी दिनेश बिंवाल ने पिछले साल की थी पोस्ट, ‘गर्व की बात परिवार के 5 बच्चे नीट में सलेक्ट हुए’

Last Updated:May 14, 2026, 10:00 IST
NEET Paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने सीकर के विकास, उसके पिता और चाचा को गिरफ्तार किया है. खुलासा हुआ है कि एमबीबीएस कर रहे विकास ने खुद पेपर खरीदकर परीक्षा पास की थी और बाद में यश नामक दोस्त के साथ मिलकर पेपर बेचने का नेटवर्क बनाया. एक ही परिवार के 5 बच्चों के सरकारी कॉलेज में चयन ने मामले को संदिग्ध बना दिया है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है. फिलहाल मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है.
ख़बरें फटाफट
खुद पेपर खरीदकर डॉक्टर बना विकास; अब 5 बच्चों के चयन पर CBI की टेढ़ी नजर, परिवार के 3 सदस्य गिरफ्तार
NEET Paper Leak Case: नीट (NEET) परीक्षा की शुचिता पर उठ रहे सवालों के बीच सीबीआई की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में सीकर के जमवारामगढ़ का रहने वाला विकास और गुरुग्राम का यश शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि इस संगठित अपराध का जाल हरियाणा से लेकर राजस्थान तक फैला हुआ था. सीबीआई ने इस मामले में मुख्य आरोपी विकास, उसके पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश को गिरफ्तार कर लिया है. बुधवार को कोर्ट ने इन तीनों के साथ गुरुग्राम के यश को भी एक दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है.
सीबीआई की तफ्तीश के अनुसार, विकास ने गुरुग्राम के यश से नीट का पेपर खरीदा था. यह केवल एक व्यक्तिगत धोखाधड़ी नहीं थी, बल्कि इसे व्यापार का रूप दे दिया गया. विकास ने पेपर हासिल करने के बाद अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश की मदद ली. इन लोगों ने यह पेपर दिनेश के बेटे ऋषि तक पहुँचाया, जो सीकर के एक नामी कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर रहा था. ऋषि ने अपने दोस्तों के बीच पेपर लीक होने की बात फैला दी और देखते ही देखते छात्रों का एक बड़ा समूह तैयार कर पेपर ऊंचे दामों पर बेचा गया.
पेपर खरीदकर डॉक्टर बना विकास, दोस्त बना माफियाइस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू विकास का अपना करियर है. विकास खुद पिछले साल यश के जरिए पेपर खरीदकर नीट परीक्षा पास कर चुका है और वर्तमान में सवाई माधोपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहा है. विकास और यश की दोस्ती सीकर के सीएलसी कोचिंग सेंटर में पढ़ाई के दौरान हुई थी. यश खुद तो परीक्षा क्लियर नहीं कर पाया, लेकिन उसने विकास को पेपर माफियाओं के बड़े नेटवर्क से जोड़ दिया, जिसके बाद यह पूरा खेल शुरू हुआ.
फेसबुक पोस्ट से खुला राज: 5 बच्चों का संदिग्ध चयनसीबीआई अब विकास के पूरे परिवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि की जांच कर रही है. दिनेश बिंवाल द्वारा 6 नवंबर 2025 को की गई एक फेसबुक पोस्ट अब जांच का मुख्य आधार बन गई है. इस पोस्ट में दिनेश ने बड़े गर्व के साथ दावा किया था कि उनके परिवार के 5 बच्चों का चयन नीट में हुआ है और सभी को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिला है. चयनित बच्चों की सूची में विकास, उसकी बहन प्रगति, और रिश्तेदार रिया व सानिया शामिल हैं. दिनेश ने इस पोस्ट में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी टैग किया था. सीबीआई को शक है कि इन सभी का चयन ईमानदारी से नहीं, बल्कि पेपर लीक के जरिए हुआ है. फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस गिरोह की गहराई तक पहुँचा जा सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan



