पहले एक ही परिवार से बने थे 4 डॉक्टर, अब 5वें के लिए खरीदा पेपर? CBI के हत्थे चढ़ा परिवार

जयपुर: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की जांच लगातार खुलासे कर रही है. अब इस मामले में जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी ने पूरे राजस्थान में सनसनी फैला दी है. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गुरुग्राम से लाखों रुपये में पेपर खरीदकर सीकर में अभ्यर्थियों को बेचा था.
CBI जांच के अनुसार जमवारामगढ़ निवासी दो भाई मांगीलाल बिंवाल और दिनेश बिंवाल ने गुरुग्राम के यश नामक व्यक्ति से करीब 30 लाख रुपये में NEET UG 2026 का पेपर खरीदा था. इसके बाद इस पेपर को सीकर में अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया था. जांच एजेंसियों का यह दावा है कि व्हाट्सएप पर भेजे गए ‘गेस पेपर’ और सीकर से जुड़े एक ईमेल के जरिए इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
सीकर में लगभग 10 छात्रों को बेचा पेपरNEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर के जमवारामगढ़ से मांगीलाल बिवाल, उनके बेटे विकास बिवाल और दिनेश बिवाल सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस पूरे नेटवर्क का विस्तार गुरुग्राम और नासिक तक पाया गया, जहां से यश यादव और शुभम खैरनार को भी पकड़ा गया है. जांच में सामने आया कि दिनेश बिवाल ने पैसे देकर यश यादव से ‘गेस पेपर’ खरीदा और इसे सीकर में लगभग 10 छात्रों को नकद में बेचा गया. विकास बिवाल खुद सीकर में NEET की तैयारी कर रहा था और उसके दोस्तों तक भी यह पेपर पहुंचाया गया.
शुभम खैरनार गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना हुलिया बदलकर घूम रहा था. वहीं पेशी के दौरान एक आरोपी ने सनसनीखेज दावा किया कि “बड़े लोगों को बचाया जा रहा है.” CBI ने आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर जांच तेज कर दी है और सभी को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जाएगा.
परिवार के बेटे को भी दिया पेपरजांच में यह भी सामने आया कि दिनेश बिंवाल ने यह पेपर अपने बेटे ऋषि को भी दिया था. ऋषि सीकर में रहकर तैयारी कर रहा था. CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कितने छात्र जुड़े हुए थे और कितनों को और पेपर उपलब्ध कराया गया.
पिछली बार भी एक ही परिवार के 4 बच्चे हुए थे सिलेक्टइस मामले में सबसे बड़ा सवाल परिवार के पिछले रिकॉर्ड को लेकर खड़ा हो गया है. जानकारी के मुताबिक पिछली बार भी मांगीलाल और दिनेश के परिवार से चार बच्चों का NEET में चयन हुआ था. इनमें मांगीलाल का बेटा विकास, उसकी बेटी और परिवार की दो अन्य बेटियां शामिल थीं. चारों बच्चों ने सीकर से ही कोचिंग ली थी.
अब जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी ध्यान दे रही हैं कि क्या पिछली बार भी किसी तरह की गड़बड़ी या पेपर खरीदने जैसी चीज हुई थी. हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है.
परिवार की महिलाओं के जवाबों ने बढ़ाया शकइस मामले में जब मीडिया ने आरोपियों के परिवार से सवाल किए तो उनके जवाबों ने शक को और गहरा कर दिया. न्यूज18 इंडिया ने मांगीलाल की पत्नी सोनू से पूछा कि पिछली बार परिवार के चार बच्चों का एक साथ चयन कैसे हुआ था. इस पर सोनू ने कहा कि बच्चे मेहनत से सलेक्ट हुए थे.
वहीं दिनेश बिंवाल की पत्नी रजनी ने सफाई देते हुए कहा कि “पिछली बार भी मेहनत से ही चयन हुआ था.” हालांकि बातचीत के दौरान उनके जवाबों में असमंजस और विरोधाभास दिखाई दिया.
जब दोनों भाइयों की मां प्रभुदेवी से सवाल किया गया तो उनका जवाब भी कुछ इसी तरह का था, लेकिन तीनों महिलाओं के बयानों में समानता कम नजर आई. यही कारण है कि अब जांच एजेंसियों की शक की सुई पिछले सालों की चयन प्रक्रिया पर भी घूमने लगी है.
CBI की जांच जारीCBI अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है. एजेंसी यह पता लगाने का कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे.



