महिलाएं शुरू करें अपना बिजनेस, सरकार देगी ₹50 लाख तक का लोन, 15 लाख तक मिलेगी सब्सिडी

Last Updated:August 19, 2026, 12:48 IST
Mukhya Mantri Nari Shakti Scheme: राजस्थान सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने हेतु ‘मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना’ संचालित की जा रही है. योजना के तहत महिला उद्यमियों को नए उद्यम की स्थापना या मौजूदा उद्योग के विस्तार के लिए 50 लाख रुपये तक तथा स्वयं सहायता समूहों को 1 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है. इसमें 25% से 30% तक की अनुदान सहायता शामिल है. पात्र महिलाएं राज्य सरकार के SSO ID पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं.
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महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए मिलेंगे ₹50 लाख, सरकार देगी लाखों की सब्सिडी
Jaipur: राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वतंत्र बनाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना’ का सफल संचालन किया जा रहा है. इस दूरदर्शी योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल ‘रोजगार मांगने वाली’ की जगह ‘रोजगार देने वाली’ बनाना है. राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाली यह एक प्रमुख वित्तीय सहायता योजना है. इसके अंतर्गत नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की स्थापना के साथ-साथ पहले से संचालित उद्योगों के विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के लिए बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर एवं आकर्षक अनुदान युक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है.
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को विभिन्न श्रेणियों में पर्याप्त वित्तीय सहायता दी जाती है:
व्यक्तिगत महिला उद्यमी: नए व्यापार या उद्योग की शुरुआत हेतु ₹50 लाख तक का ऋण प्राप्त कर सकती हैं.
स्वयं सहायता समूह/क्लस्टर/फेडरेशन: महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और उनके महासंघों को सामूहिक उद्यम स्थापित करने के लिए ₹1 करोड़ तक का ऋण प्रदान किया जाता है.
पात्र व्यावसायिक क्षेत्र: यह योजना निर्माण (Manufacturing), सेवा क्षेत्र (Services), व्यापारिक गतिविधियों (Trading), डेयरी व्यवसाय और कृषि-आधारित (Agri-business) उद्यमों के लिए पूर्णतः मान्य है.
बिना कोलैटरल गारंटी: योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ₹10 लाख तक के ऋण पर किसी भी प्रकार की कोलैटरल गारंटी या संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती है.
आवेदक का अंशदान (Own Contribution): ₹50,000 तक की परियोजनाओं के लिए महिला उद्यमी का अंशदान शून्य है. ₹10 लाख तक की परियोजनाओं पर 5% तथा ₹10 लाख से अधिक की परियोजनाओं पर मात्र 10% अंशदान देना होता है.
सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन की दरेंराज्य सरकार द्वारा स्वीकृत ऋण राशि पर श्रेणीवार उदार अनुदान (Subsidy) का प्रावधान किया गया है:
सामान्य वर्ग की महिलाएं: स्वीकृत ऋण राशि पर 25% का सरकारी अनुदान दिया जाता है.
विशेष/वंचित वर्ग: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), विधवा, परित्यक्ता, हिंसा पीड़ित और दिव्यांग महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 30% अनुदान दिया जाता है.
अधिकतम अनुदान: इस योजना के तहत दी जाने वाली अधिकतम अनुदान सीमा ₹15 लाख तक निर्धारित की गई है.
सरल ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया एवं दिशा-निर्देशयोजना में पारदर्शिता और सरलता बनाए रखने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है:
SSO Portal के माध्यम से आवेदन: इच्छुक पात्र महिलाएं राजस्थान सरकार के आधिकारिक SSO Portal (SSO-ID) में लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकती हैं.
मार्गदर्शन शिविर: जिला महिला अधिकारिता कार्यालय द्वारा आवेदकों को फॉर्म भरने और योजना की विस्तृत जानकारी देने हेतु प्रति माह विशेष सहायता शिविर आयोजित किए जाते हैं.
उद्यम पंजीकरण अनिवार्य: पूर्व स्थापित उद्यमों के विस्तार हेतु आवेदन करने वाली महिला उद्यमियों के पास ‘उद्योग आधार’ या ‘उद्यम पंजीकरण’ होना आवश्यक है.
बैंक स्वीकृति: महिला अधिकारिता विभाग द्वारा दस्तावेजों के सत्यापन और अनुशंसा के बाद अंतिम ऋण स्वीकृति संबंधित बैंक द्वारा दी जाती है. ₹10 लाख तक के प्रस्तावों का निपटारा जिला स्तर पर ही किया जाता है.
शिकायत निवारण: योजना से जुड़ी किसी भी समस्या, अनुचित मांग या विलंब की स्थिति में आवेदक राजस्थान सरकार के 181 हेल्पलाइन नंबर या संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं.
राजस्थान में महिला उद्यम का व्यापक प्रभावराजस्थान सरकार द्वारा क्रियान्वित इस योजना और संबंधित कार्यक्रमों से राज्य में महिला उद्यमिता को भारी बढ़ावा मिला है. आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.55 लाख स्वयं सहायता समूहों को ₹739 करोड़ का ऋण वितरित किया जा चुका है. इसके अलावा, 3,432 व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को ₹343 करोड़ का ऋण (औसत ₹10 लाख प्रति उद्यमी) स्वीकृत किया जा चुका है. मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) जैसी योजनाएं भी ग्रामीण महिलाओं को कृषि और पशुपालन के माध्यम से स्थायी आजीविका प्रदान कर रही हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 19, 2026, 12:48 IST



