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दो ऊंची चोटियों के बाद अब यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर नजर, सीकर की पूनम कंवर फिर रचने निकलीं इतिहास

Last Updated:August 11, 2026, 15:39 IST

Poonam Kanwar Sikar: सीकर की बेटी पूनम कंवर अब यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह करने के अभियान पर निकली हैं. इससे पहले भी वह दो प्रमुख ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुकी हैं. अब उनका लक्ष्य यूरोप की इस चुनौतीपूर्ण चोटी पर तिरंगा फहराना है. पूनम का यह अभियान राजस्थान की बेटियों के साहस और दृढ़ संकल्प की मिसाल बन रहा है. पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में लगातार उपलब्धियां हासिल कर वह युवाओं को प्रेरित कर रही हैं. कठिन मौसम, ऊंचाई और दुर्गम रास्तों के बावजूद पूनम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं.

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Success Story: सीकर जिले के झाड़ली गांव की बेटी पूनम कंवर एक बार फिर विश्व की सबसे ऊंची फतेह करने के लिए रवाना हुई है. रेलवे सुरक्षा विशेष बल (RPSF) में तैनात एलसीटी पूनम कंवर यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (18,510 फीट) को फतह करने के लिए पर्वतारोहण अभियान के लिए निकली है. 10 अगस्त 2026 को RPSF मुख्यालय के उच्च अधिकारियों ने उन्हें भारतीय तिरंगे और RPF ध्वज के साथ शुभकामनाएं और आशीर्वाद देकर अभियान के लिए रवाना किया गया है. उनके अभियान के दौरान भारतीय तिरंगे के साथ RPF का ध्वज भी उनके साथ रहेगा. पूनम का लक्ष्य दुनिया के सभी सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करना है. हालांकि, उनका सबसे बड़ा सपना दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है.

पूनम कंवर के लिए पर्वतारोहण कोई नया जुनून नहीं है. वह इससे पहले अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलीमंजारो (19,341 फीट) और ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोजियोस्को (7,310 फीट) को फतह कर चुकी हैं। उन्होंने 2024 में माउंट किलीमंजारो की चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराकर देश का नाम रोशन किया था. इसके बाद वर्ष 2025 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी माउंट कोजियोस्को पर सफलता हासिल की. अब वर्ष 2026 में उनकी नजर यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर है.

बचपन से ही खेल और NCC में थी रुचिपूनम कंवर वर्तमान में 16वीं वाहिनी RPSF, जयपुर में तैनात हैं.पूनम का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ चोटियों को फतह करना नहीं है, बल्कि देश की महिलाओं को यह संदेश देना भी है कि वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं. वह चाहती हैं कि महिलाएं अपने अंदर के आत्मविश्वास पैदा करें और मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य को हासिल करने का साहस दिखाएं. पूनम के पिता रिटायर्ड फौजी रतन सिंह शेखावत बताते हैं कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई के साथ खेलकूद और NCC की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी. वर्ष 2014 में पूनम रेलवे सुरक्षा विशेष बल में भर्ती हुईं. नौकरी के दौरान भी उन्होंने अपनी खेलो मे भी बेहतर प्रदर्शन किया है.

विधायक राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को मानती है आइडलपूनम ने कमांडो ट्रेनिंग हासिल भी की है. इसमें अलावा उन्होंने तीरंदाजी और घुड़सवारी का भी प्रशिक्षण लिया है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की कई चोटियों को फतह कर पूनम ने पर्वतारोही सार्टिफिकेट भी हासिल किया है. पूनम कंवर विधायक कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को अपना आइडल मानती है. राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के ओलंपिक पदक जीतने और सेना से जुड़े अनुभवों ने उन्हें काफी प्रभावित किया.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Sikar,Rajasthan

First Published :

August 11, 2026, 15:39 IST

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