Agriculture: खेतों में नारंगी कीटों का तांडव, मूंग-ग्वार-बाजरा पर कातरा का हमला, किसान परेशान

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फसल पर कातरा का हमला, किसान बोले- समय रहते नहीं रोका तो बर्बाद होगी पूरी फसल
Last Updated:August 25, 2026, 11:56 IST
Shergarh Katra pests Outbreak: जोधपुर के शेरगढ़ क्षेत्र में कातरा कीट के बढ़ते प्रकोप ने खरीफ फसल की चिंता बढ़ा दी है. सोईन्तरा सहित आसपास के गांवों में हजारों बीघा खेतों में मूंग, मोठ, ग्वार, तिल और बाजरा की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है. खेतों में बड़ी संख्या में नारंगी रंग के कातरा कीट दिखाई दे रहे हैं, जो फसलों की पत्तियों और कोमल हिस्सों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. किसानों को फसल खराब होने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है. किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे करवाने, कीट नियंत्रण के उपाय बताने और फसल बीमा के तहत उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है.
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जोधपुर. शेरगढ़ के किसानों के लिए खरीफ का मौसम उम्मीद और मेहनत का समय होता है, लेकिन शेरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों कातरा कीट के बढ़ते प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. सोईन्तरा सहित आसपास के गांवों में हजारों बीघा खरीफ फसलें कातरा कीट की चपेट में आ गई है. खेतों में बड़ी संख्या में नारंगी रंग के कीट दिखाई दे रहे हैं, जो मूंग, मोठ, ग्वार, तिल और बाजरा जैसी फसलों की पत्तियों और कोमल हिस्सों को तेजी से चट कर रहे हैं. इससे पौधे कमजोर होकर सूखने लगे हैं और किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है.
कातरा कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ने के कारण कई खेतों में फसल की स्थिति चिंताजनक हो गई है. कीट झुंड के रूप में फसलों पर हमला कर पत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे पौधों की बढ़वार प्रभावित हो रही है. किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कीटों पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो बची हुई फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है. खरीफ की फसल तैयार करने में किसानों ने महंगे बीज, खाद, सिंचाई और कीटनाशकों पर बड़ी राशि खर्च की है. ऐसे में फसल खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ने की आशंका है.
किसानों ने सर्वे और मुआवजे की उठाई मांग
किसान बाबूसिंह गोड़ ने बताया कि सोईन्तरा सहित आसपास के क्षेत्रों में हजारों बीघा फसल कातरा कीट के कारण प्रभावित हो चुकी है. उन्होंने कहा कि किसानों ने मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन कीटों के हमले से पूरी मेहनत बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है. उन्होंने सरकार और प्रशासन से प्रभावित गांवों में कृषि विभाग तथा फसल बीमा कंपनी की टीमें भेजकर तत्काल सर्वे करवाने की मांग की. किसानों का कहना है कि नुकसान का वास्तविक आकलन कर फसल बीमा योजना के तहत उचित मुआवजा दिलाया जाए. साथ ही कृषि विभाग की ओर से कीट नियंत्रण के प्रभावी उपाय और दवाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए.
किसान खेतों की लगातार करें निगरानी
किसानों को कातरा कीट के प्रकोप को देखते हुए खेतों की नियमित निगरानी करनी चाहिए और फसल की पत्तियों तथा पौधों पर कीटों की मौजूदगी की जांच करते रहना चाहिए. शुरुआती स्तर पर प्रकोप दिखाई देने पर कृषि विभाग के अधिकारियों या कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर ही उचित कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए. किसान अपने स्तर पर बिना जानकारी के दवा का अधिक मात्रा में छिड़काव करने से बचें. प्रभावित खेतों की जानकारी संबंधित विभाग को देकर समय रहते सर्वे करवाना भी जरूरी है, ताकि नुकसान का सही आकलन हो सके और फसल को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाया जा सके.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 25, 2026, 11:56 IST



