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Agriculture News I अमरूद बागों पर मंडराया फल मक्खी का खतरा, समय रहते करे ये उपाय

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अंदर से सड़ा रही अमरूद की फसल, फल मक्खी के हमले से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

Last Updated:August 03, 2026, 22:50 IST

बरसात के मौसम में भरतपुर जिले के वेर और भुसावर क्षेत्र के अमरूद बागों पर फल मक्खी का खतरा बढ़ गया है. यह कीट कच्चे फलों में अंडे देकर अंदर से उन्हें सड़ा देता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है. कृषि विभाग ने किसानों को निगरानी बढ़ाने, संक्रमित फलों को नष्ट करने और मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप व दवाओं के छिड़काव जैसे उपाय अपनाने की सलाह दी है.

भरतपुर.  बरसात का मौसम जहां किसानों के लिए राहत लेकर आता है. वहीं कई फसलों के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर देता है. भरतपुर जिले के वेर और भुसावर क्षेत्र में इन दिनों अमरूद की फसल पर फल मक्खी का खतरा तेजी से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. यह कीट धीरे-धीरे पूरी फसल को बर्बाद करता है.जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा बना रहता है. कृषि विभाग के अनुसार, फल मक्खी एक बेहद खतरनाक कीट है, जो खासतौर पर कच्चे अमरूद के फलों में अपने अंडे देती है. अंडों से निकलने वाले लार्वा फल के अंदर ही पलते हैं और उसे अंदर से सड़ा देते हैं.

बाहर से फल सामान्य दिखता है लेकिन अंदर पूरी तरह खराब हो चुका होता है. साथ ही यह कीट पत्तियों को भी नुकसान पहुंचाता है जिससे पेड़ की वृद्धि परुक जाती है. कृषि विभाग के अधिकारी जनक राज मीणा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यदि समय रहते इस रोग पर नियंत्रण नहीं किया जाए तो यह पूरे बाग को प्रभावित कर सकता है, इसलिए किसानों को नियमित रूप से अपने खेतों की निगरानी करनी चाहिए और संक्रमित फलों को तुरंत तोड़कर नष्ट कर देना चाहिए. ताकि संक्रमण आगे न फैले बचाव के लिए कृषि विशेषज्ञों ने कुछ प्रभावी उपाय भी बताए हैं. किसानों को मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप का उपयोग करना चाहिए, जिससे फल मक्खी को आकर्षित कर नियंत्रित किया जा सकता है.

इसके साथ ही स्पिनोसैड मिली प्रति लीटर पानी या मैलाथियान1 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है. आवश्यकता अनुसार 10 से 15 दिन के अंतराल पर छिड़काव दोहराया जा सकता है, इसके अलावा गिरे हुए और संक्रमित फलों को खेत में इकट्ठा कर मिट्टी में दबा देना या नष्ट करना बेहद जरूरी है. इससे कीट के प्रजनन चक्र को तोड़ा जा सकता है. बाग में साफ-सफाई बनाए रखना भी इस रोग से बचाव का एक महत्वपूर्ण तरीका है. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर सावधानी बरतें और बताए गए उपायों को अपनाकर अपनी फसल को सुरक्षित रखें ताकि नुकसान से बचा जा सके और बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Location :

Bharatpur,Rajasthan

First Published :

August 03, 2026, 22:50 IST

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