Alwar News: प्याज की खेती करने वालों के लिए बड़ी खबर, सरकार दे रही 50% सब्सिडी… लेकिन पहले जान लें ये जरूरी शर्त

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प्याज की खेती करने वालों के लिए बड़ी खबर, सरकार दे रही 50% सब्सिडी
Last Updated:July 09, 2026, 22:47 IST
Alwar Pyaaj Ki Kheti : अलवर में किसान प्याज के बीज को नमी से बचाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं. सरकार भंडारण पर 50% तक अनुदान दे रही है. अलवर और खैरथल तिजारा जिले में किसान एलोरा नंदी, पचगंगा सरदार सहित अन्य किस्म का बीज किसान तैयार कर रहे हैं. किसान खुदाई के बाद प्याज को सुरक्षित रखकर अनुकूल मंडी भाव आने पर बेच सकते हैं.
Alwar News: अलवर सहित खैरथल तिजारा जिले के गांवों में किसान प्याज के बीज को सुरक्षित रखने के लिए नए नए तरीके अपना रहे हैं. किसानों ने नमी से बचाने के लिए घरों में छोटी-छोटी गड्डी बनाकर लटका रखी है ताकि प्याज का कण यानि गंठी खराब हो. अलवर जिले में प्याज की रुपाई अगस्त के महीने में शुरू होगी. वहीं कण को बारिश से बचाने के लिए किसानों ने अच्छी और सुरक्षित जगह बीज रख रखा है.
अलवर और खैरथल तिजारा जिले में किसान एलोरा नंदी, पचगंगा सरदार सहित अन्य किस्म का बीज किसान तैयार कर रहे हैं. एलोरा- लाल प्याज की लोकप्रिय किस्म, अच्छे आकार के कंद, बेहतर उत्पादन और भंडारण क्षमता के लिए जानी जाती है. वहीं अधिक उपज देने वाली लाल प्याज की किस्म, समान आकार के कंद और अच्छी बाजार मांग के लिए होता है. पचगंगा सरदार- लाल प्याज की उन्नत किस्म, मजबूत पौधे, अच्छी पैदावार और अपेक्षाकृत बेहतर स्टोरेज क्षमता के कारण किसानों में लोकप्रिय.
अलवर जिले में प्याज उत्पादक किसानों को फसल का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार भंडारण पर अनुदान दे रही है. किसान खुदाई के बाद प्याज को सुरक्षित रखकर अनुकूल मंडी भाव आने पर बेच सकते हैं. इसके लिए 25 मीट्रिक टन क्षमता की प्याज भंडारण संरचना के निर्माण पर इकाई लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 87,500 रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. इससे किसानों को भंडारण सुविधा मिलेगी और कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी भी घटेगी.
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जो किसान बड़ी संख्या में प्याज का उत्पादन करते हैं उन किसानों के लिए सरकार राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत समन्वित फसलोत्तर प्रबंधन योजना में कम लागत की प्याज भंडारण संरचना पर उद्यान विभाग द्वारा 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. ऐसे में योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता आवेदक किसान के पास न्यूनतम 0.5 हैक्टेयर भू-स्वामित्व होना आवश्यक है.
योजन का लाभ लेने के लिए किसान अपने नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. ताकि योजना का लाभ किसानों को मिले और फसल को अच्छे से बचाया जा सके.
प्याज उत्पादक किसान 25 मीट्रिक टन क्षमता की भंडारण संरचना के निर्माण के लिए ई-मित्र केंद्र पर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के साथ आधार कार्ड/जनाधार कार्ड, छह माह से अधिक पुरानी न होने वाली जमाबंदी की प्रति तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे.
भंडारण संरचना का निर्माण स्थायी प्रकृति का होना आवश्यक है. निर्माण पूर्ण होने के बाद गठित समिति द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन के उपरांत स्वीकृत अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी.



