Barmer Encroachment News | बाड़मेर में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई

Last Updated:June 25, 2026, 06:47 IST
Barmer Encroachment News: बाड़मेर जिला मुख्यालय के तिलक नगर में तालाब आगोर की सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने गुरुवार को जेसीबी और भारी पुलिस जाब्ते के साथ बड़ा अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान स्थानीय महिलाओं और बालिकाओं के भारी विरोध और निर्माणों पर बैठने के बाद महिला पुलिस की मदद से प्रदर्शनकारियों को हटाया गया. प्रशासन ने कई कच्चे निर्माण ध्वस्त किए, हालांकि विरोध के चलते पक्के निर्माणों पर कार्रवाई फिलहाल रुक गई. इस दौरान गरीबों को अवैध रूप से भूमि बेचने वालों पर भी सवाल उठे.
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Barmer Encroachment News: बाड़मेर में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई
Barmer: बाड़मेर जिला मुख्यालय के तिलक नगर क्षेत्र में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने गुरुवार को एक व्यापक और कड़ा अभियान चलाया. प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी मौजूदगी में भारी पुलिस जाब्ते और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची टीम ने तालाब की आगोर भूमि पर किए गए कई कच्चे अतिक्रमणों को पूरी तरह से हटा दिया. इस बड़ी कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले को कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों, महिलाओं और बालिकाओं के तीव्र विरोध का सामना भी करना पड़ा. कई स्थानों पर प्रभावित परिवारों ने अपने आशियानों को बचाने के लिए कड़ा प्रयास किया.
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ बालिकाएं प्रशासनिक कार्रवाई को रोकने के लिए निर्माणों के ऊपर जाकर बैठ गईं. वहीं कुछ अन्य महिलाओं ने घास-फूस से बने कच्चे छप्परों को हटाने का पुरजोर विरोध किया. इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों की सहायता ली गई. महिला पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और बालिकाओं को समझाइश कर सुरक्षित स्थान पर हटाया, जिसके बाद अतिक्रमण रोधी दस्ते ने अपनी कार्रवाई को दोबारा सुचारू रूप से जारी रखा.
पक्के निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई रुकी, कच्चे निर्माण किए गए ध्वस्तप्रशासन ने इस पूरे अभियान के दौरान अनेक कच्चे निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया. हालांकि, मौके पर हुए भारी विरोध और कानून व्यवस्था की परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा कुछ पक्के निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई को रोक दिया गया. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जों से मुक्त कराने का यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. सार्वजनिक उपयोग और तालाब आगोर की भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
भूखंड बेचने वालों पर उठे सवाल, समय रहते कार्रवाई न होने से गरीबों पर पड़ी मारइस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज रही कि शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में वर्षों से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की गंभीर समस्या बनी हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ रसूखदार लोगों ने जरूरतमंद और गरीब परिवारों से मोटी राशि लेकर उन्हें इस सरकारी भूमि पर बसने के लिए प्रेरित किया, जिसके कारण अब प्रशासनिक कार्रवाई की सीधी मार इन गरीब परिवारों पर पड़ रही है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह बड़ा सवाल भी उठ रहा है कि यदि प्रारंभिक स्तर पर ही सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमणों को रोका जाता, तो कई परिवार इस भारी आर्थिक नुकसान और विस्थापन की दर्दनाक स्थिति से बच सकते थे. शहरवासियों का मानना है कि अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित निगरानी और समय पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Barmer,Barmer,Rajasthan



