Rajasthan

टोंक में विकास के नाम पर खेल! कागजों में बनी सड़क पर गिरी बुजुर्ग महिला, सामने आया पंचायत का बड़ा फर्जीवाड़ा

Last Updated:June 25, 2026, 06:58 IST

Road Corruption In Tonk News: टोंक जिले के देवगंज गांव में बिना सड़क बनाए लाखों का बजट ठिकाने लगाने के भ्रष्टाचार के कारण एक बुजुर्ग महिला बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे नाजुक हालत में जयपुर रैफर किया गया है. यह सड़क सरकारी कागजों में पूरी तरह तैयार है. ग्रामीण पिछले तीन साल से इस फर्जी मस्टरोल घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और पानी की टंकी पर भी चढ़े थे. कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर से लिखित शिकायत और जांच में पंचायत अधिकारियों के दोषी मिलने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

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फाइलों में बनी सड़क, जमीन पर पत्थर! टोंक में भ्रष्टाचार की खुली पोलZoomभ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी बुजुर्ग महिला, टोंक में पंचायत के फर्जीवाड़े का खुलासा

Tonk: टोंक जिले के देवगंज गांव से भ्रष्टाचार और सिस्टम की लापरवाही की एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहाँ विकास के नाम पर हुए एक बड़े फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है. ग्राम पंचायत द्वारा फर्जी मस्टरोल के सहारे बनाई गई सड़क वर्तमान में बिल्कुल भी चलने लायक नहीं है. इसी कच्ची और पथरीली सड़क पर मोटरसाइकिल से फिसलकर गिरने के कारण एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है. हादसे के बाद महिला की हालत इतनी नाजुक और चिंताजनक थी कि उसे टोंक के स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद सीधे जयपुर के बड़े अस्पताल के लिए रैफर करना पड़ा.

इस दर्दनाक हादसे की असली वजह कोई मानवीय चूक नहीं, बल्कि सिस्टम का वो गहरा भ्रष्टाचार है जो पिछले कई सालों से इस गांव के विकास को खा रहा है. आपको यह जानकर बेहद हैरानी होगी कि जिस सड़क पर गिरकर आज एक बुजुर्ग महिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रही है, वो सड़क सरकारी फाइलों और कागजों में पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी है.

ग्रामीणों का लंबा संघर्ष: टंकी पर चढ़े, कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर से की शिकायतदेवगंज गांव के ग्रामीण पिछले तीन साल से लगातार इस बड़े भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. अपनी मांग को लेकर ग्रामीण पानी की टंकी पर भी चढ़े और हाइवे जाम करने तक की कड़ी चेतावनी दी, जिसके बाद हर बार प्रशासन ने केवल खोखला आश्वासन देकर उन्हें शांत करा दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत ने फर्जी मस्टरोल तैयार किए, मजदूरों की फर्जी हाजिरी भरी और धरातल पर बिना किसी सड़क का निर्माण किए ही लाखों रुपए का सरकारी बजट ठिकाने लगा दिया. भ्रष्टाचार का यह खेल यहीं नहीं रुका; ग्रामीणों ने इस गंभीर मुद्दे को हर बड़े मंच पर पूरी ताकत से उठाया. पिछले दिनों देवगंज गांव के रामस्वरूप ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक कार्यक्रम में भी इसी भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर के सामने भी ग्रामीणों ने इस पूरी धांधली की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी.

जांच में दोषी सिद्ध होने के बावजूद अधिकारियों पर नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाईइस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद अलग-अलग स्तर पर प्रशासनिक जांच भी बैठाई गई थी. चौकाने वाली बात यह है कि जांच रिपोर्ट में भी सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं की बात पूरी तरह सामने आई. अलग-अलग जांचों में पंचायत से जुड़े कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी स्पष्ट रूप से दोषी भी पाए गए, लेकिन इसके बावजूद अब तक दोषियों पर कोई ठोस या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है. प्रशासन की इसी ढिलाई और दोषियों को मिल रहे संरक्षण के कारण आज देवगंज गांव के लोग भुगत रहे हैं और एक बेकसूर बुजुर्ग महिला को सिस्टम के इस भ्रष्टाचार की भारी कीमत अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़ी है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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