Rajasthan

सावधान राजस्थान! अगले 5 दिन भारी पड़ सकते हैं, IMD का आंधी-बारिश को लेकर अलर्ट

Rajasthan Weather Today:  राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. प्रदेश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक आंधी, मेघगर्जन और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. आईएमडी ने बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर और कोटा संभाग के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

आईएमडी के अनुसार, पंजाब से बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रास्ते गुजरने वाली मौसमी ट्रफ सक्रिय बनी हुई है. इसके अलावा दक्षिण पंजाब, दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है. उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि लद्दाख क्षेत्र में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौसम को प्रभावित कर रहा है. इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं.

15 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है. विभाग ने 15 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ पश्चिमी जिलों में भी राहत का दौर जारी रह सकता है.इससे किसानों और आम लोगों दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है.

मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के 15 से अधिक जिलों में आंधी, वज्रपात और बारिश का अलर्ट जारी किया है

चुरू और सरदारशहर क्षेत्र में रेत का बवंडर देखने को मिला

श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा मौसम का प्रभाव देखने को मिला. यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली, जिसके कारण दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया. दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा. आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया. चूरू जिले के सरदारशहर क्षेत्र में रेत का विशाल बवंडर देखने को मिला, जबकि सीकर में धूल का घना गुबार छा गया. कोटपूतली-बहरोड़ इलाके में पहले तेज बवंडर उठा और उसके बाद बारिश ने दस्तक दी.अलवर में भी शाम के समय तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाई.

जयपुर, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग में बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, मंगलवार को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में तेज मेघगर्जन, आंधी और मध्यम से तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है. विभाग ने बताया कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला आगामी चार से पांच दिनों तक जारी रह सकता है.

पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, अजमेर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश का अलर्ट

भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा में तेज हवा और बारिश का अलर्ट

पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी जयपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. जयपुर का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.

पश्चिमी राजस्थान के इन  जिलों में बारिश की सभावना

पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, फलौदी और श्रीगंगानगर जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को प्रदेश का सर्वाधिक तापमान फलौदी में 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. शाम 5:30 बजे तक राज्य में सापेक्षिक आर्द्रता 20 से 60 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई.

आईएमडी ने अजमेर, भीलवाड़ा में ऑरेजज तो चुरू, सीकर जयपुर में येलो अलर्ट जारी किया है

किसानों के लिए मौसम विभाग का जरूरी सलाह

कृषि मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. विभाग ने कहा है कि खुले आसमान के नीचे रखी हुई पकी फसल, कृषि उपज, अनाज और अन्य जिंसों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें, ताकि बारिश और तेज हवाओं से नुकसान से बचाया जा सके. मौसम विभाग ने लोगों को भी खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.

राजस्थान में मौसम बदलने की मुख्य वजह क्या है

राजस्थान में मौसम परिवर्तन की मुख्य वजह पंजाब से बिहार तक सक्रिय मौसमी ट्रफ, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और दक्षिण पंजाब के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हैं. इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ी है, जिसके कारण आंधी, मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं.

किन जिलों में सबसे ज्यादा तेज हवाएं चलने की संभावना है

पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, फलौदी और श्रीगंगानगर जिलों में सबसे तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की चेतावनी जारी की है.

जयपुर में मौसम कैसा रहने का अनुमान है

राजधानी जयपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. शहर में हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है. अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है.

किसानों को मौसम विभाग ने क्या सलाह दी है

कृषि मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को पकी हुई फसल, अनाज और कृषि उपज को खुले में न रखने की सलाह दी है. विभाग ने कहा है कि मंडियों और खेतों में खुले में रखी जिंसों को तिरपाल से ढकें या सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें. तेज हवाओं और बारिश से फसल को नुकसान हो सकता है, इसलिए पहले से एहतियात बरतना जरूरी है.

प्रदेश में मौसम का असर किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा देखने को मिला

श्रीगंगानगर, चूरू, सीकर और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्रों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला. श्रीगंगानगर में तेज धूलभरी आंधी के कारण दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन गया. चूरू के सरदारशहर में रेत का विशाल बवंडर देखा गया, जबकि सीकर में धूल का घना गुबार छाया रहा. कई इलाकों में आंधी के बाद बारिश भी दर्ज की गई.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj