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Bharat Mandapam Expansion: भारत मंडपम का होगा बड़ा विस्तार, ITPO बना रहा नया मास्टरप्लान, जानिए कितना बदलेगा रंग-रूप?

Bharat Mandapam Expansion: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. देश के प्रमुख एग्जिबिशन और कन्वेंशन सेंटरों में शामिल इस परिसर को आने वाले समय में और बड़ा और ज्यादा उपयोगी बनाने की दिशा में काम हो रहा है. इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन यानी ITPO ने इसके लिए एक विस्तृत स्टडी कराने का फैसला किया है. इस आकलन का सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारत मंडपम में उपलब्ध जगह और विकास की संभावनाओं का बेहतर इस्तेमाल कैसे किया जाए. स्टडी में यह देखा जाएगा कि साइट का कितना Floor Area Ratio यानी FAR इस्तेमाल किया जा सकता है और भविष्य में यहां किस तरह का अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा सकता है. यानी अभी जो भारत मंडपम दिखता है, उसकी तस्वीर आने वाले सालों में काफी बदल सकती है.

यह पूरी कवायद सिर्फ एग्जिबिशन हॉल बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी. ITPO की योजना मौजूदा और भविष्य की बाजार जरूरतों का भी आकलन करने की है. इसमें बड़े एग्जिबिशन, कन्वेंशन और कॉन्फ्रेंस के साथ हॉस्पिटैलिटी, ऑफिस, कमर्शियल सुविधाओं और दूसरी अनुकूल गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा. स्टडी के आधार पर यह तय करने की कोशिश होगी कि परिसर में किस तरह की सुविधाओं का कितना विस्तार होना चाहिए. इसका मकसद भारत मंडपम को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना और ग्लोबल MICE यानी Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions इंडस्ट्री में भारत की स्थिति मजबूत करना है.

प्रस्तावित स्टडी इस तरह तैयार की जाएगी कि आगे होने वाले रिडेवलपमेंट में भी इसकी निरंतरता बनी रहे. (PTI)

भारत मंडपम के लिए बनेगा इंटीग्रेटेड प्लान

ITPO की प्रस्तावित स्टडी में पूरे परिसर के कामकाज को नए सिरे से देखने की तैयारी है. कंसल्टेंट एक इंटीग्रेटेड साइट प्लानिंग और स्पेशल डेवलपमेंट फ्रेमवर्क तैयार करेगा. इसमें नए और अपग्रेड किए जाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रस्तावित लेआउट भी शामिल होगा. साथ ही मौजूदा कनेक्टिविटी, साइट के भीतर आवाजाही और एक्सेसिबिलिटी की समीक्षा की जाएगी. इसका मकसद यह समझना है कि गतिविधियां बढ़ने के बाद विजिटर्स, एग्जिबिटर्स, डेलीगेट्स और सर्विस वाहनों की आवाजाही को कैसे बेहतर बनाया जाए.

मौजूदा और भविष्य की मांग का आकलन भी इस स्टडी का अहम हिस्सा होगा. ITPO यह देखना चाहता है कि बड़े स्तर के एग्जिबिशन और इंटरनेशनल इवेंट्स के लिए भविष्य में किस तरह की सुविधाओं की जरूरत होगी. इसके साथ हॉस्पिटैलिटी, ऑफिस और कमर्शियल स्पेस की संभावित मांग भी देखी जाएगी. इसी आकलन के आधार पर साइट के लिए एक ऑप्टिमल लैंड-यूज और फैसिलिटी मिक्स की सिफारिश की जाएगी.

कितनी जगह का हो सकता है इस्तेमाल?

प्रस्तावित अध्ययन में साइट के permissible Floor Area Ratio यानी FAR का आकलन किया जाएगा. इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि मौजूदा जमीन पर नियमों के तहत कितने निर्माण की अनुमति है और उसमें से कितनी क्षमता को प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके बाद कंसल्टेंट अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की जरूरत तथा उनकी संभावित क्षमता की सिफारिश करेगा. यही आकलन भारत मंडपम के अगले विकास चरण की दिशा तय करने में अहम होगा.

सिर्फ प्लान नहीं, अमल तक साथ देगा कंसल्टेंट

यह असाइनमेंट सिर्फ योजना बनाने तक सीमित नहीं है. प्रस्तावित स्टडी इस तरह तैयार की जाएगी कि आगे होने वाले रिडेवलपमेंट में भी इसकी निरंतरता बनी रहे. जब ITPO वास्तविक पुनर्विकास का काम शुरू करेगा, तब कंसल्टेंट से आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी के साथ काम करने और स्टडी की सिफारिशों को अंतिम विकास योजना में बदलने में मदद करने की उम्मीद है. काम को लागू करते समय भी सलाहकार को जरूरी मार्गदर्शन और जानकारी देनी होगी, ताकि मंजूर की गई पुनर्विकास योजना और जगह के इस्तेमाल की रूपरेखा में बिना सोचे-समझे कोई बदलाव न किया जाए.

ग्लोबल MICE इंडस्ट्री पर फोकस

ITPO द्वारा कराई जा रही यह स्टडी ऐसे समय में हो रही है जब भारत ग्लोबल Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions यानी MICE इंडस्ट्री में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. भारत मंडपम पहले ही बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एग्जिबिशन, कन्वेंशन और बिजनेस इवेंट्स के लिए प्रमुख स्थल बन चुका है. प्रस्तावित आकलन इसे सिर्फ मौजूदा सुविधा के तौर पर नहीं बल्कि आगे विकास की क्षमता वाले बड़े परिसर के रूप में देखेगा.

प्रस्तावित स्टडी इस तरह तैयार की जाएगी कि आगे होने वाले रिडेवलपमेंट में भी इसकी निरंतरता बनी रहे. (PTI)

हॉस्पिटैलिटी से कमर्शियल स्पेस तक विस्तार

लंबे समय की रणनीति में एग्जिबिशन और कन्वेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सपोर्टिंग हॉस्पिटैलिटी, कमर्शियल और ऑफिस सुविधाओं को जोड़ने पर जोर रहेगा. इसके साथ साइट के permissible FAR का बेहतर इस्तेमाल भी लक्ष्य होगा. अगर स्टडी की सिफारिशों को लागू किया जाता है तो भारत मंडपम का फुटप्रिंट और कामकाज दोनों बदल सकते हैं. इससे बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की क्षमता बढ़ने की संभावना होगी.

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