‘मैं किसी लॉबी का हिस्सा नहीं’, बॉलीवुड गैंग्स पर मधुर भंडारकर ने कसा तंज, बॉक्स ऑफिस नंबर को नहीं मानते सफलता

Last Updated:August 22, 2026, 00:29 IST
फिल्ममेकर मधुर भंडारकर को दर्शक ‘फैशन’, ‘चांदनी बार’ जैसी फिल्मों के लिए याद करते हैं. उन्होंने अब सिनेमा, सफलता, आर्ट और आर्टिस्ट के रुख पर बात की. उन्होंने हिंदी सिनेमा में गुटबाजी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके जैसे इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स इंडस्ट्री में किसी लॉबी या गैंग का हिस्सा नहीं होते हैं. वे मानते हैं कि बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन के बजाय दर्शकों के साथ बना जुड़ाव असली सफलता है.
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‘चांदनी बार’ फिल्म को रिलीज हुए 25 साल से ज्यादा समय हो चुका है.
नई दिल्ली: सिनेमा जगत में रिश्तों के समीकरण बनते-बिगड़ते रहते हैं. हालांकि, मधुर भंडारकर जैसे भी फिल्ममेकर हैं, जो मानते हैं कि उनके जैसे इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर इंडस्ट्री में किसी गुट या गैंग का हिस्सा नहीं होते हैं. वे एक फिल्ममेकर के सफर का असली पैमाना बॉक्स-ऑफिस नंबर को नहीं, बल्कि वे यादें और जुड़ाव हैं जो एक फिल्म अपने दर्शकों के साथ बनाती है. फिल्ममेकर ने अपने सफर के बारे में बात करते हुए कहा, ‘कोई नहीं जानता कि बॉक्स-ऑफिस पर क्या चलेगा और कब चलेगा. दर्शकों को क्या पसंद आएगा.’
मधुर भंडारकर ने इंडस्ट्री के मानक दायरे से बाहर फिल्में बनाने की चुनौतियों के बारे में भी बात की. उन्होंने सिनेमा में गुटबाजी पर कहा कि इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर के तौर पर हम किसी लॉबी, गैंग या गुट का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने ‘चांदनी बार’, ‘पेज 3’, ‘फैशन’ और ‘हीरोइन’ जैसी फिल्मों को भी याद किया और अलग-अलग दुनिया को एक्सप्लोर करने और समाज से जुड़ी कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने के अपने कमिटमेंट के बारे में बात की.
ओटीटी और यू-ट्यूब को सराहामधुर भंडारकर ने बताया कि वे अक्सर फिल्मों के बीच दो से तीन साल का समय लेते हैं ताकि वे उस दुनिया पर रिसर्च कर सकें और उसे समझ सकें जिसे वे दिखाना चाहते हैं. उन्होंने अपनी फिल्मों को नई जिंदगी देने का श्रेय ओटीटी और यू-ट्यूब को भी दिया, जिससे युवा दर्शक उन्हें थियेटर में रिलीज होने के कई साल बाद भी देख पाए. उन्होंने ‘चांदनी बार’ के लंबे समय तक बने रहने वाले असर पर बात करते हुए कहा, ‘हमारी असली दौलत दर्शक हैं. दर्शकों की वजह से ही हम यहां हैं. वे हमें प्यार करते हैं. लोग हमें याद रखते हैं.’
सालों बाद भी फिल्म की तारीफ रखती है मायने फिल्ममेकर ने कहा कि 20 या 25 साल बाद भी फिल्म की तारीफ होना बॉक्स-ऑफिस की सफलता से कहीं ज्यादा मायने रखता है. फिल्ममेकर और दर्शकों के बीच एक मजबूत रिश्ता होता है. हमारी असली दौलत दर्शक हैं. दर्शकों की वजह से ही हम यहां हैं. वे हमें प्यार करते हैं. लोग हमें याद रखते हैं.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…
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First Published :
August 22, 2026, 00:29 IST



