Rajasthan

ISI की फंडिंग चेन पर बड़ा वार! महाराष्ट्र का रफीक चांद शेख गिरफ्तार, 4 साल से पहुंचा रहा था पैसा

Last Updated:July 02, 2026, 08:33 IST

Rajasthan ISI Agent Arrested: आईएसआई के कथित फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ राजस्थान इंटेलिजेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है.रफीक महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला है. जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी कई बैंक खातों के जरिए संदिग्ध फंड ट्रांसफर करता था और सोशल मीडिया पर आईएसआई के कथित हैंडलरों के संपर्क में था. उसके मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है. बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच जारी है.

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4 साल से ISI के लिए करता था फंडिंग! राजस्थान इंटेलिजेंस के हत्थे चढ़ा रफीक Zoomआईएसआई के फंडिंग नेटवर्क से जुड़ा रफीक चांद शेख गिरफ्तार

जयपुर. राजस्थान पुलिस की सीआईडी इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के कथित फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि रफीक पिछले करीब चार वर्षों से कथित तौर पर ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क तक धनराशि पहुंचाने का काम कर रहा था. आरोपी को 30 जून को गिरफ्तार किया गया था और अब उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच एजेंसी उसकी रिमांड की मांग कर सकती है.

सीआईडी इंटेलिजेंस के अतिरिक्त महानिदेशक प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि यह गिरफ्तारी पहले से दर्ज एक जासूसी प्रकरण की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है. इस मामले में पहले जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस के पद पर कार्यरत सुमित कुमार को गिरफ्तार किया गया था. दोनों पर भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं कथित तौर पर ISI हैंडलरों तक पहुंचाने का आरोप है.

विभिन्न बैंक खातों के जरिए राशि ट्रांसफर करता था रफीक

सीआईडी इंटेलिजेंस को पता चला कि कथित जासूसी गतिविधियों के बदले मिलने वाली रकम सीधे आरोपियों तक नहीं पहुंचती थी. इसके लिए महाराष्ट्र निवासी रफीक चांद शेख कथित तौर पर एक माध्यम के रूप में काम करता था. सीआईडी इंटेलिजेंस के अनुसार, वह विभिन्न बैंक खातों के जरिए धनराशि ट्रांसफर कर नेटवर्क को आर्थिक सहायता पहुंचाता था, ताकि लेन-देन की वास्तविक कड़ी छिपी रहे. पूछताछ में रफीक ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह पिछले लगभग चार वर्षों से सोशल मीडिया के जरिए ISI के एक हैंडलर के संपर्क में था. इसी माध्यम से उसे निर्देश मिलते थे और कथित फंड ट्रांसफर की गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने नाम के अलावा अन्य व्यक्तियों के नाम पर भी कई बैंक खाते खुलवाए थे. इन्हीं खातों के जरिए कथित तौर पर जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक धनराशि पहुंचाई जाती थी.

बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू

सीआईडी इंटेलिजेंस के अनुसार बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में इस कथित फंडिंग नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों की भी फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके. प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी इंटेलिजेंस ने रफीक चांद शेख को ISI का कथित फंडिंग एजेंट मानते हुए गिरफ्तार किया है. फिलहाल मामले में अन्य बैंक खातों, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, सोशल मीडिया संपर्कों और संभावित सहयोगियों की गहन जांच जारी है. सीआईडी इंटेलिजेंस का मानना है कि इस नेटवर्क की पूरी परतें खुलने पर अहम खुलासे हो सकते हैं.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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