बीकानेर के पिता-पुत्री ने तैयार किए महाकाल के ‘शक्ति नेत्र’; अयोध्या के रामलला के बाद अब उज्जैन में दिखा कला का जादू – हिंदी

महाकाल के नेत्रों में बीकानेर की कारीगरी: एक ऐसी कला जो हर किसी को कर दे मंत्र
Mahakal Shakti Netra Bikaner Artist Virendra Sakariya: राजस्थान का बीकानेर शहर अपनी अनूठी कारीगरी के लिए एक बार फिर वैश्विक पटल पर चमक रहा है. बीकानेर के प्रसिद्ध कलाकार वीरेंद्र साकरिया और उनकी सुपुत्री रुचि साकरिया ने अपनी असाधारण प्रतिभा से उज्जैन के विश्वविख्यात भगवान महाकाल के लिए विशेष ‘शक्ति नेत्र’ तैयार किए हैं. चांदी से निर्मित ये नेत्र ‘थ्री-डी रियलिस्टिक’ तकनीक पर आधारित हैं, जिन्हें ‘गॉड आई’ भी कहा जाता है. इन नेत्रों की सबसे बड़ी विशेषता इनका ‘रेटीना इफेक्ट’ है, जिसके कारण मंदिर में दर्शन करने वाले हर श्रद्धालु को ऐसा आभास होता है कि भगवान की दिव्य दृष्टि सीधी उन्हीं पर बनी हुई है. वीरेंद्र साकरिया इससे पहले अयोध्या के भव्य रामलला मंदिर के लिए भी इसी प्रकार के जीवंत नेत्र तैयार कर चुके हैं. इन चार इंच के चांदी के नेत्रों को बनाने में पिता-पुत्री की जोड़ी को करीब 10 दिन का समय और एक साल से अधिक का तकनीकी अभ्यास लगा है. अब इन नेत्रों की मांग केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मलेशिया, इंडोनेशिया और यूरोप जैसे देशों से भी निरंतर ऑर्डर मिल रहे हैं, जो बीकानेर की कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रहे हैं.




