बीजेपी हर बूथ पर उतारेगी 10 डिजिटल योद्धा, 1 करोड़ कार्यकर्ताओं को देगी ट्रेनिंग

बीजेपी संगठन को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है. पार्टी के डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के तहत अब तक देशभर में 11 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा चुका है. अब पार्टी की योजना इस अभियान को हर बूथ तक पहुंचाने और देशभर में एक करोड़ डिजिटल प्रशिक्षित कार्यकर्ता तैयार करने की है.
लक्ष्य से आगे निकला पहला चरण
बीजेपी के महासचिव तरुण चुग ने बताया कि यह अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत चलाया जा रहा है. इसकी शुरुआत 6 अप्रैल को हुई थी. पहले चरण में 23 जून से 6 जुलाई के बीच 10 लाख कार्यकर्ताओं को डिजिटल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन पार्टी ने लक्ष्य पार करते हुए 11 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे दिया.
डिजिटल ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया जा रहा है?
पार्टी के अनुसार, डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के जरिए कार्यकर्ताओं को मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के साथ-साथ संगठन की कार्यप्रणाली, बीजेपी के इतिहास, विचारधारा, जनसेवा के कार्यों और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है. यह प्रशिक्षण पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है.
अब हर बूथ पर 10 डिजिटल कार्यकर्ता तैयार करने की योजना
बीजेपी का मानना है कि डिजिटल रूप से प्रशिक्षित कार्यकर्ता भविष्य में संगठन की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे. इसी सोच के तहत अब अभियान के अगले चरण में हर बूथ पर कम से कम 10 कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके बाद पूरे देश में एक करोड़ प्रशिक्षित कार्यकर्ता तैयार करने की दिशा में अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा.
तरुण चुग बोले- यह संगठन की बड़ी उपलब्धि
तरुण चुग ने 11 लाख कार्यकर्ताओं तक पहुंचने को संगठन के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि यह देशभर के कार्यकर्ताओं और संगठन की विभिन्न इकाइयों की मेहनत का परिणाम है. उनके मुताबिक, डिजिटल रूप से सक्षम कार्यकर्ता जनता तक पार्टी की नीतियों, सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचा सकेंगे.
डिजिटल इंडिया विजन से जुड़ा है अभियान
बीजेपी का कहना है कि यह पूरा अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से प्रेरित है. पार्टी का लक्ष्य हर बूथ को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है, ताकि संगठन की पहुंच, संवाद क्षमता और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को और मजबूत किया जा सके.



